Share This Article

रायपुर / ETrendingIndia / सिम-लेस ऐप साइबर नियम , सरकार ने सिम-लेस ऐप उपयोग पर कसी नकेल

भारत की साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने सिम-लेस ऐप उपयोग पर सख्त कदम उठाए हैं। कई ऐप बिना सक्रिय सिम के भी भारतीय मोबाइल नंबर से लॉगिन की अनुमति दे रहे थे। इसलिए यह सुविधा साइबर अपराधियों द्वारा बड़े पैमाने पर दुरुपयोग की जा रही थी।

अधिकारियों के अनुसार, विदेशी लोकेशन से भारतीय नंबर के जरिए धोखाधड़ी तेजी से बढ़ रही थी। इसलिए सरकार ने ऐप-आधारित संचार सेवाओं को तुरंत नए नियम लागू करने का निर्देश दिया है।


सिम-लेस ऐप साइबर नियमों में क्या है नया

सरकार ने नए नियम 90 दिनों में लागू करने को कहा है। इसके तहत ऐप्स को अब उस सिम से लगातार जुड़ा रहना होगा, जिससे मोबाइल नंबर पंजीकृत है। इसलिए ऐप तब तक काम नहीं करेगा जब तक वही सक्रिय सिम मोबाइल में मौजूद न हो।

इसके अलावा, जिन प्लेटफॉर्म्स का वेब संस्करण उपलब्ध है, उनमें हर छह घंटे में ऑटो-लॉगआउट अनिवार्य होगा। हालांकि, उपयोगकर्ता दोबारा लॉगिन कर सकेंगे लेकिन केवल सुरक्षित क्यूआर कोड प्रमाणीकरण के बाद। इससे अनधिकृत एक्सेस रोका जा सकेगा।


क्यों जरूरी थे ये कड़े कदम

साइबर अपराधी बिना सिम वाले नंबरों का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी कर रहे थे। वे चोरी हुए या स्पूफ किए गए मोबाइल नंबरों का उपयोग करते थे। क्योंकि ऐप सक्रिय सिम की जरूरत नहीं मांगता था, इसलिए इन नंबरों का दुरुपयोग आसान हो गया था।

अब नए सिम-लेस ऐप साइबर नियम इस खिड़की को पूरी तरह बंद करेंगे। इससे मोबाइल नंबर की गलत पहचान, फर्जी गतिविधियों और अनधिकृत लॉगिन पर रोक लगेगी।


डिजिटल सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती

सरकार का मानना है कि यह कदम राष्ट्रीय डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करेगा। साथ ही उपयोगकर्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित होगी और धोखाधड़ी के मामले कम होंगे।

अंत में, नए नियम यह संदेश स्पष्ट करते हैं कि भारत की डिजिटल सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए ऐप-आधारित संचार सेवाओं को अब अपनी सत्यापन प्रणाली और बैकएंड सुरक्षा को अधिक मजबूत करना होगा।