Share This Article रायपुर , 01अक्टूबर 2026 / ETrendingIndia / मध्यप्रदेश में आवारा कुत्तों की समस्या और सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा के मामले में हाईकोर्ट अब राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा करेगा। स्वत: संज्ञान जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने अगली सुनवाई 3 नवंबर को दोपहर 2:30 बजे निर्धारित की है। समीक्षा के बाद सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट भेजी जाएगी। सुनवाई के दौरान अदालत मित्र वरिष्ठ अधिवक्ता ब्रायन डिसिल्वा और अधिवक्ता सरबवीर सिंह ओबेराय से सरकार की रिपोर्ट पर सुझाव मांगे गए। डिसिल्वा ने सरकार के प्रयासों को संतोषजनक बताया। बेंच ने कहा कि 3 नवंबर को रिपोर्ट पर विस्तृत सुनवाई कर आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे। मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल की ओर से पेश जवाब में बताया गया कि पिछले छह महीनों में प्रदेश में 15 हजार से अधिक आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण किया गया है। सार्वजनिक परिसरों की निगरानी के लिए 1,62,622 नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं, जबकि 1,00,262 परिसरों में बाउंड्रीवॉल और फेंसिंग की व्यवस्था की गई है। सरकार के अनुसार 965 फीडिंग पॉइंट बनाए गए हैं। 11 जिलों की 12 नगरीय निकायों में श्वान आश्रय स्थल संचालित हैं, जहां 982 कुत्तों को पहुंचाया गया। 28 नगरीय निकायों में डॉग स्क्वाड और 69 निकायों में 81 डॉग कैचर वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। Share This Article Post navigation अनिक घी का पूरा स्टॉक वापस लेने के आदेश पर हाईकोर्ट की रोक