रायपुर,13 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / “Improve the quality of health services” कोरिया कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव, पूर्ण टीकाकरण, पोषण एवं अन्य प्रमुख स्वास्थ्य संकेतकों में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने और कम प्रदर्शन वाले क्षेत्रों पर विशेष फोकस करने पर जोर दिया है. बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के विभिन्न कार्यक्रमों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, उच्च जोखिम गर्भावस्था, गैर-संचारी रोग (एनसीडी), पोषण पुनर्वास केन्द्र, आयुष्मान भारत योजनाओं, महामारी नियंत्रण एवं अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैैकुंठपुर आकांक्षी विकासखंड – सूचकांकों में उल्लेखनीय सुधार लाए
कलेक्टर ने कहा कि बैैकुंठपुर आकांक्षी विकासखंड होने के कारण स्वास्थ्य संबंधी सभी आकांक्षी सूचकांकों में उल्लेखनीय सुधार लाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
हाई रिस्क प्रेगनेंसी की नियमित निगरानी
कलेक्टर ने संस्थागत प्रसव, प्रसव पूर्व जांच एवं हाई रिस्क प्रेगनेंसी की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं एवं आवश्यक उपचार पहुंचना चाहिए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
टीकाकरण कार्यक्रम (यू-विन) की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि मैदानी स्तर पर कार्य होने के बावजूद कई स्थानों पर पोर्टल में समय पर डेटा प्रविष्टि नहीं की जा रही है।
टीकाकरण कार्यक्रम- डेटा प्रविष्टि नहीं : बताओ नोटिस जारी
इस पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
बैठक में राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए हाइपरटेंशन एवं डायबिटीज स्क्रीनिंग में विशेष प्रगति लाने के निर्देश दिए गए।
बरसात के मौसम को देखते हुए कलेक्टर ने संभावित मौसमी बीमारियों एवं महामारी नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
बीमारी का प्रकोप – रैपिड रिस्पॉन्स टीम तत्काल मौके पर पहुंचें
किसी भी क्षेत्र में बीमारी का प्रकोप दिखाई देने पर गठित रैपिड रिस्पॉन्स (कॉम्बैट) टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करे तथा बिना विलंब जिला स्तर पर सूचना उपलब्ध कराए।
कम जन्म वजन एवं मृत जन्म लेने के मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा मितानिनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।
गर्भवती महिलाओं के पोषण, नियमित जांच, परामर्श एवं उच्च जोखिम गर्भावस्था की निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे कम जन्म वजन एवं मृत जन्म की घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके।
कलेक्टर ने जननी सुरक्षा योजना एवं जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत हितग्राहियों को देय भुगतान निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आयुष्मान भारत वय वंदन योजना से 100 प्रतिशत नामांकन हो
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जो पात्र हितग्राही अभी भी आयुष्मान भारत वय वंदन योजना से वंचित हैं, उनके लिए विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया करें।
मरीजों के प्रति संवेदनशील, सम्मानजनक एवं मानवीय व्यवहार
कलेक्टर ने सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों के प्रति संवेदनशील, सम्मानजनक एवं मानवीय व्यवहार अपनाया जाए।
प्रत्येक स्वास्थ्य संस्था में चिकित्सकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. आयुष जायसवाल भी उपस्थित थे.
