चुप! चुप! चुप!बोलने का अधिकार नहीं है,मेरे सत्ता के किताब मेंतेरा कोई विचार नहीं है। जब भी हम पेड़ काटेंतुम चुप रहो, डाटा फ्री मिल रहा हैमौज में फिरो।जब भी हमतुम्हारे विचारों का दमन करेंतुम चुप रहो, दोस्तों के साथ बैठकरचिल करो… चुप रहो। जब खेतों की मिट्टीकारखानों में बिक जाए,नदियाँ काली होकरअपना चेहरा छुपाएँ,तुम […]
