Share This Article रायपुर 2 मार्च 2026/ ETrendingIndia / तमिल विरासत पुस्तक विमोचन , नई दिल्ली में भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन विभाग द्वारा प्रकाशित 16 महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन किया। ये पुस्तकें तमिल विरासत, संस्कृति, वास्तुकला, साहित्य और सभ्यतागत विचारों पर आधारित हैं। तमिल सभ्यता की समृद्ध परंपरा पर प्रकाश इन पुस्तकों में रामेश्वरम, श्री रामानुजा, अरिकामेडु, नयनार-अलवार भक्ति परंपरा, प्राकृतिक कृषि, प्राचीन संगीत वाद्ययंत्र तथा मीनाक्षी अम्मन मंदिर और बृहदीश्वर मंदिर की स्थापत्य कला जैसे विषय शामिल हैं। “भारत की आत्मा एक है” उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत अनेक भाषाओं का देश है, लेकिन उसकी सभ्यतागत आत्मा एक है। विविधता के बावजूद भारत सांस्कृतिक रूप से एकजुट है। उन्होंने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘याधुम ऊरे यावरुम केलिर’ जैसे आदर्शों का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री के प्रयासों की सराहना उन्होंने नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने वैश्विक मंचों पर तमिल भाषा और साहित्य को सम्मान दिलाया है। तिरुक्कुरल और सुब्रमण्य भारती का उल्लेख इसका उदाहरण है। युवाओं को पढ़ने का संदेश उपराष्ट्रपति ने युवाओं से प्रतिदिन कम से कम एक घंटा पुस्तक पढ़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ते समय आर्थिक प्रगति के साथ सांस्कृतिक संरक्षण भी जरूरी है।कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। Share This Article Post navigation वरिष्ठ साहित्यकार स्व. रमेश गोहिया स्मृति सम्मान समारोह आयोजित : देवकरण पंवार हुए सम्मानित कवियत्री पूजा अग्रवाल “छत्तीसगढ़ महतारी अलंकरण” से सम्मानित