Directorate of Sericulture – Tussar Rearing
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रायपुर, 7 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / Directorate of Sericulture – Tussar Rearing: Distribution of 5,700 healthy Tussar disease-free layings (DFLs) from Kosa Seed Centre, Modakpal. राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत बीजापुर जिले में रेशम विभाग द्वारा संचालित कोसा बीज केंद्र, मोदकपाल में तसर पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हितग्राहियों को 5,700 तसर स्वस्थ डिम्ब समूहों का वितरण किया गया।

इन डिम्ब समूहों की कुल लागत 91,200 रुपए रही। इसमें राज्य शासन ने 79,800 रुपए की सब्सिडी प्रदान की, जबकि हितग्राहियों से केवल 11,400 रुपए का अंशदान लिया गया।

इससे कम लागत में गुणवत्तायुक्त तसर बीज उपलब्ध कराकर तसर पालन को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के लोगों की आय बढ़ाना तथा उन्हें स्वरोजगार से जोड़ना है।

विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए गुणवत्तायुक्त स्वस्थ डिम्ब समूहों से बेहतर उत्पादन की संभावना है। इससे हितग्राही वैज्ञानिक तरीके से तसर पालन कर अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

2 लाख कोसों का उत्पादन होने का अनुमान

रेशम विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार, वितरित डिम्ब समूहों से लगभग 2 लाख कोसों का उत्पादन होने का अनुमान है। इससे न केवल हितग्राहियों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि जिले में तसर उत्पादन को भी नई गति मिलेगी।

रेशम विभाग ने बताया कि राज्य शासन की अनुदान आधारित योजनाओं के माध्यम से हितग्राहियों को कम लागत पर गुणवत्तायुक्त तसर बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और आवश्यक सहयोग भी लगातार दिया जाएगा, ताकि तसर पालन को बढ़ावा मिले और ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर सृजित हों।