रायपुर, 10 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / “Cultivating ginger instead of paddy: Farmers’ income is increasing…” राज्य शासन द्वारा किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से संचालित कृषक उन्नति योजना के तहत फसल विविधीकरण को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है।
Lधान के स्थान पर उद्यानिकी एवं अन्य लाभकारी फसलों की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की आदान सहायता राशि प्रदान की जा रही है।
इस पहल से प्रदेश के विभिन्न जिलों में किसानों का रुझान परंपरागत खेती से हटकर अधिक लाभकारी फसलों की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
सरगुजा जिले के ग्राम दरिमा के प्रगतिशील किसान अमित कुमार सिंह ने धान की जगह अदरक की खेती अपनाकर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है।
उन्होंने बताया कि अदरक की खेती से उन्हें धान की तुलना में कई गुना अधिक आय प्राप्त हो रही है। पिछले वर्ष एक एकड़ क्षेत्र में अदरक की खेती से उन्होंने लगभग 5 लाख रुपये की आय अर्जित की।
उनका कहना है कि बाजार में अनुकूल मूल्य मिलने पर अदरक की खेती से प्रति एकड़ 10 लाख रुपये तक की आय प्राप्त की जा सकती है।
किसान अमित कुमार सिंह ने बताया कि कृषि विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने अदरक की खेती शुरू की थी। बेहतर उत्पादन और अधिक लाभ मिलने के बाद उन्होंने इस वर्ष खेती का रकबा भी बढ़ा दिया है। उनका विश्वास है कि क्षेत्रफल बढ़ने से इस बार उन्हें पिछले वर्ष की तुलना में और अधिक आय प्राप्त होगी।
उन्होंने बताया कि अदरक की खेती वैज्ञानिक पद्धति से मेड़ बनाकर की गई है, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार हुआ है।
उनका मानना है कि यदि किसान आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर अदरक जैसी लाभकारी फसलों की खेती करें तो सीमित भूमि पर भी बेहतर आमदनी अर्जित कर सकते हैं।
