Valley of Flowers Now Open: The magic of colors is set to bloom once again in the valleys of Uttarakhand! The tourism season has officially commenced at Chamoli's 'Valley of Flowers'—allowing tourists to revel in this paradise-like spectacle until October.
Valley of Flowers Now Open
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चमोली, 02 जून/ Valley of Flowers Open: The magic of colors is set to bloom once again in the valleys of Uttarakhand…The tourism season has officially begun at Chamoli’s ‘Valley of Flowers.’

Valley of Flowers Open : प्रकृति प्रेमियों और ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए बड़ी खुशखबरी है। उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध ‘फूलों की घाटी’ (Valley of Flowers) 1 जून से पर्यटकों के लिए खोल दी गई है। अब अक्टूबर तक देश-विदेश से आने वाले सैलानी यहां रंग-बिरंगे दुर्लभ फूलों और बर्फ से ढकी वादियों का अद्भुत नजारा देख सकेंगे।

यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल यह घाटी हर साल मानसून के दौरान हजारों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। यहां सैकड़ों प्रजातियों के दुर्लभ फूल खिलते हैं, जो पूरी घाटी को प्राकृतिक स्वर्ग में बदल देते हैं।

फूलों की घाटी प्रत्येक वर्ष एक जून से 31 अक्टूबर तक पर्यटकों के लिए खुली रहती है। यहां जैव विविधता का खजाना बिखरा पड़ा है। दुलर्भ वन्य जीवों का यह क्षेत्र प्राकृतिक आवास है।

ट्रैकिंग और प्रकृति प्रेमियों की पहली पसंद

करीब 87 वर्ग किलोमीटर में फैली यह घाटी हिमालयी जैव विविधता का अनोखा उदाहरण मानी जाती है। जून से अक्टूबर तक यहां का मौसम बेहद सुहावना रहता है, जबकि जुलाई और अगस्त में घाटी अपने सबसे खूबसूरत रंगों में नजर आती है। चमोली जिले में समुद्रतल से 12,995 फीट की ऊंचाई पर 87.5 वर्ग किमी क्षेत्र में फैली फूलों की घाटी का सफर बेहद चुनौतीपूर्ण है।

पर्यटन विभाग और वन विभाग ने पर्यटकों की सुविधा के लिए विशेष तैयारियां की हैं। सुरक्षा, ट्रैकिंग मार्ग और गाइड व्यवस्था को लेकर भी खास इंतजाम किए गए हैं।

घाटी में बिखरी रंग-विरंगी आभा

यहां पर हिमालयन थार, कस्तूरा मृग, हिम तेंदुआ सहित अन्य जंगली जानवर आसानी से देखे जा सकते हैं। इन दिनों घाटी में फूलों के खिलने का सिलसिला शुरू हो गया है और विभिन्न प्रजाति के फूल रंग-विरंगी आभा बिखेर रहे हैं।

ऐसे पहुंचे फूलों की घाटी

फूलों की घाटी पहुंचने के लिए पर्यटकों को ऋषिकेश से जोशीमठ और फिर गोविंदघाट पहुंचना होता है। यहां से घांघरिया तक ट्रैकिंग के बाद घाटी तक पहुंचा जा सकता है। प्राकृतिक सौंदर्य, हिमालयी नजारे और रंग-बिरंगे फूलों के बीच बिताए गए पल पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव बन जाते हैं।