Share This Article रायपुर, 04 नवंबर 2026 / ETrendingIndia / उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी के दरवाजे शनिवार शाम शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इस वर्ष घाटी ने पर्यटकों की आमद का नया रिकॉर्ड बनाया। एक जून से 31 अक्टूबर तक कुल 35,261 पर्यटकों ने यहां की सैर की, जिनमें 265 विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। पर्यटकों की आवाजाही से वन विभाग को 67 लाख 7 हजार 500 रुपये की आय हुई। अब सैलानियों को अगले वर्ष एक जून तक इंतजार करना होगा। 500 से अधिक प्रजातियों के फूलों का अनूठा संसार चमोली जिले की भ्यूंडार घाटी में स्थित फूलों की घाटी करीब 87.5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली है। समुद्र तल से लगभग 3,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह घाटी यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। यहां मानसून के दौरान 500 से अधिक प्रजातियों के रंग-बिरंगे फूल खिलते हैं। ब्रह्मकमल सहित दुर्लभ वनस्पतियां इसकी खूबसूरती बढ़ाती हैं। यहां की जैव विविधता, हिमालय की बर्फीली चोटियां और प्राकृतिक सुंदरता देश-विदेश के पर्यटकों, वनस्पति विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं को आकर्षित करती है। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए बंद रहेगी घाटी भारी बर्फबारी और कड़ाके की ठंड के कारण सर्दियों में यहां पर्यटकों का प्रवेश प्रतिबंधित रहता है। इस दौरान वन विभाग के कर्मचारी वन्यजीवों और दुर्लभ वनस्पतियों की सुरक्षा के लिए गश्त करेंगे। मौसम अनुकूल होने पर अगले वर्ष एक जून से घाटी फिर पर्यटकों के लिए खोल दी जाएगी। Share This Article Post navigation तीन दशक बाद इंद्रावती के जंगलों में लौटी रौनक…पर्यटक अब कर सकेंगे बाघ-तेंदुए का दीदार