Share This Article

रायपुर, 21 अप्रैल 2026 / ETrendingIndia / Akti Tihar in Chhattisgarh: Agriculture Minister worships soil, seeds, starts new beginning of farming / छत्तीसगढ़ अक्ती तिहार खेती , छत्तीसगढ़ में अक्षय तृतीया (अक्ती तिहार) के अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने पारंपरिक तरीके से खेती की शुरुआत की। उन्होंने ट्रैक्टर चलाकर सीड ड्रिल मशीन से धान के बीज बोए और बाड़ी में सब्जियों की बुआई भी की।

माटी और बीज पूजन के साथ शुरुआत

कृषि मंत्री ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भाग लिया।
धरती माता और बीजों की पूजा की
अच्छी फसल के लिए प्रार्थना की
गौ माता को चारा खिलाया

ठाकुर देवता की पूजा कर खेती कार्य की शुरुआत की

किसानों को मिले बीज और कृषि यंत्र

इस मौके पर किसानों को उन्नत बीज, खाद और कृषि उपकरण वितरित किए गए। साथ ही, विश्वविद्यालय और कृषि विज्ञान केंद्रों में भी अक्ती तिहार मनाया गया और नई कृषि तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।

जैविक खेती पर जोर

कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे रासायनिक उर्वरकों का कम उपयोग करें और जैविक खेती अपनाएं।

जैव उर्वरक और जैविक खाद को बढ़ावा

मिट्टी और पर्यावरण की सुरक्षा पर जोर

सरकार द्वारा इसके लिए विशेष योजना और रणनीति

ड्रोन तकनीक और प्रशिक्षण

कार्यक्रम में ड्रोन तकनीक का प्रदर्शन किया गया और “ड्रोन दीदी” के रूप में कार्य कर रही श्रीमती फुलेश्वरी निषाद को सम्मानित किया गया।

कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा किसानों को जैव उर्वरकों के उपयोग पर प्रशिक्षण भी दिया गया।

अक्ती तिहार का महत्व

अक्ती तिहार छत्तीसगढ़ में खेती की शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन किसान धरती माता से अनुमति लेकर खेती कार्य शुरू करते हैं और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।

अक्ती तिहार के मौके पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आधुनिक तकनीक और जैविक खेती को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया, जिससे किसानों की आय बढ़े और पर्यावरण भी सुरक्षित रहे।