रायपुर, 21 नवम्बर 2025/ ETrendingIndia / Increase in support price made Gazal Yadav a successful ‘techno- farmer’ / गजल यादव टेक्नो फार्मर समर्थन मूल्य , दुर्ग जिले के ग्राम बोरई से आने वाले किसान-इंजीनियर श्री गजल यादव की कहानी आज कई युवाओं और किसानों के लिए प्रेरणा बन गयी है। इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बावजूद, गजल ने कॉर्पाेरेट करियर छोड़कर अपने पैतृक व्यवसाय कृषि को चुना। उन्होंने पारंपरिक कृषि में इंजीनियरिंग के सिद्धांतों को मिलाकर ’टेक्नो- फार्मिंग’ का सफल प्रयोग किया।
गजल बताते हैं कि मेरी पढ़ाई ने खेती को एक वैज्ञानिक नज़रिया दिया। इंजीनियरिंग से मैने डेटा एनालिटिक्स सीखा, जिसका इस्तेमाल करके मैंने मिट्टी की गुणवत्ता और मौसम के सटीक डेटा के आधार पर बीज, खाद और पानी का उपयोग किया और इस वैज्ञानिक दृष्टिकोण ने उनकी इनपुट लागत (खेती का खर्च) को बहुत कम कर दिया। लेकिन मेरी मेहनत को असली पहचान तब मिली, जब छत्तीसगढ़ सरकार ने धान के लिए 3100 रुपये प्रति क्विंटल का ऐतिहासिक समर्थन मूल्य घोषित किया। यह दर देश में किसी भी राज्य द्वारा दिया गया अब तक का सर्वाधिक औपचारिक मूल्य है।
गजल ने बताया कि उन्होंने सहकारी समिति के धान उपार्जन केंद्र दामोदा में 450 क्विंटल से भी अधिक धान बेचा है। यह ऐतिहासिक एमएसपी उनके अन्य अन्य किसान भाइयों के लिए वरदान साबित हुई है। उन्होंने कहा इस ऊँची दर से मुझे पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक शुद्ध लाभ हुआ है।
मेरी इंजीनियरिंग ने इनपुट लागत कम की और राज्य सरकार द्वारा बढ़ाए गए समर्थन मूल्य ने इसमें चार चांद ही लगा दिए। मेरी खेती की पूरी लागत तो कवर हो ही गयी और लाभ कमाने का भी मौका अब मिल रहा है। समर्थन मूल्य में यह वृद्धि किसानों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है, जिससे हम बिना किसी चिंता के अगली फसल की तैयारी कर सकते हैं।
