रायपुर 23 दिसंबर 2025/ ETrendingIndia / Burn patients will get immediate treatment, lack of resources will not be an excuse / बर्न मरीजों को तुरंत इलाज , अब जलने (बर्न) से पीड़ित मरीजों को बिना देरी के इलाज देना अनिवार्य होगा। केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि संसाधनों की कमी का बहाना बनाकर मरीज को रोका या इलाज से वंचित नहीं किया जा सकता।
यदि किसी अस्पताल में इलाज की पूरी सुविधा नहीं है, तो मरीज को प्राथमिक उपचार देकर तुरंत उपयुक्त अस्पताल में रेफर करना होगा।
पीएचसी से मेडिकल कॉलेज तक जिम्मेदारी तय
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज—तीनों स्तरों पर बर्न मरीजों के इलाज की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से तय की गई है।
पीएचसी में अब बर्न के मामलों का प्राथमिक इलाज किया जाएगा, जिसमें ठंडा करना (कूलिंग), ड्रेसिंग और टिटनेस इंजेक्शन शामिल हैं। जरूरत पड़ने पर समय पर रेफरल करना अनिवार्य होगा।
मेडिकल कॉलेजों में बर्न यूनिट जरूरी
सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों तथा तृतीयक अस्पतालों में बर्न यूनिट स्थापित करना अनिवार्य किया गया है। बर्न मरीजों को सामान्य वार्ड में रखने की बजाय विशेष बर्न वार्ड में इलाज दिया जाएगा, ताकि संक्रमण और जटिलताओं का खतरा कम हो।
एंटीबायोटिक के उपयोग पर सख्ती
नए मानकों में यह भी कहा गया है कि बर्न मरीजों को बिना जरूरत एंटीबायोटिक नहीं दी जाएगी.
