रायपुर 31 दिसंबर 2025/ ETrendingIndia / वॉरेन बफेट का सीईओ पद से इस्तीफा
बर्कशायर हॅथावे के सीईओ और चेयरमैन वॉरेन बफेट 31 दिसंबर 2025 को अपने पद से सेवानिवृत्त हुए। अब वह कंपनी में केवल चेयरमैन के रूप में रहेंगे। इस कदम के साथ, ग्रेग एबल, जो वर्तमान में कंपनी के वाइस चेयरमैन हैं, 1 जनवरी 2026 से सीईओ के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे।
उत्तराधिकारी और कंपनी का भविष्य
बफेट ने 60वें शेयरधारकों की बैठक में खुद उत्तराधिकारी की घोषणा की। ग्रेग एबल बर्कशायर हॅथावे के नेतृत्व में काम करेंगे, जिसमें लगभग 4,00,000 कर्मचारी विभिन्न सेक्टर्स में कार्यरत हैं। इस बदलाव से निवेशकों और उद्योग जगत की निगाहें अब नई रणनीतियों और कंपनी के भविष्य पर टिकी हैं।
वॉरेन बफेट की यात्रा और योगदान
वॉरेन बफेट ने 1962 में 7.60 डॉलर प्रति शेयर खरीद कर बर्कशायर हॅथावे को एक संघर्षशील न्यू इंग्लैंड टेक्सटाइल मिल से वैश्विक कॉング्लोमरेट में बदल दिया।
उन्होंने गेको, नैशनल इंडेम्निटी, इस्कार मेटलवर्किंग, डेरी क्वीन जैसी कंपनियों में निवेश कर लंबे समय तक बाजार को पीछे छोड़ा। साथ ही, अमेरिकन एक्सप्रेस, कोकाकोला और एप्पल जैसी कंपनियों में उनके दीर्घकालिक निवेश प्रसिद्ध हैं।
H2: सीख और प्रेरणा
वॉरेन बफेट की कार्यशैली से कई निवेशकों ने प्रेरणा ली है। लैरी रेस्टियरी ने बताया कि बफेट से उन्होंने यह सीखा कि उत्कृष्टता अनुशासन में है और सिद्धांतों के प्रति सच्चे रहते हुए धैर्यपूर्वक कार्य करना चाहिए।
मार्सेल आर्सेनॉल्ट ने कहा कि बफेट ने उन्हें सिर्फ वित्तीय सफलता तक सीमित न सोचने की प्रेरणा दी।
