रायपुर,15 जनवरी 2026/ ETrendingIndia / Silver prices fall sharply after hitting record highs, gold also slips / चांदी की कीमतों में गिरावट ,चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिली है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 7.3 प्रतिशत तक टूट गई, जबकि सोने के भाव में भी कमजोरी दर्ज की गई. यह गिरावट ऐसे समय आई है, जब अमेरिका ने महत्वपूर्ण खनिजों के आयात पर तत्काल कोई अतिरिक्त शुल्क (टैरिफ) नहीं लगाने का संकेत दिया है.
पिछले चार कारोबारी दिनों में चांदी की कीमतों में 20 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखने को मिली थी. इस तेज उछाल के बाद निवेशकों ने मुनाफा वसूली शुरू कर दी, जिससे कीमतों पर दबाव बना और तेज गिरावट दर्ज की गई.
भारत के सर्राफा बाजार में बुधवार को चांदी 14,480 रुपये की जोरदार तेजी के साथ 2,77,512 रुपये प्रति किलो के ऑल टाइम हाई पर बंद हुई थी. आईबीजेए द्वारा जारी दरों के अनुसार, सोना भी 1,731 रुपये उछलकर 1,42,015 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि महत्वपूर्ण खनिजों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए द्विपक्षीय समझौतों पर बातचीत की जाएगी. उन्होंने आयात पर प्रतिशत आधारित टैरिफ के बजाय न्यूनतम मूल्य (प्राइस फ्लोर) लागू करने का संकेत दिया है.
हालांकि, भविष्य में शुल्क लगाने से पूरी तरह इनकार नहीं किया गया है. इस बयान से चांदी, प्लैटिनम और पैलेडियम पर तत्काल टैरिफ की आशंका कम हुई है.
हाल के दिनों में चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है. बाजार की अस्थिरता दर्शाने वाला 14-दिन का एक्स्पोनेंशियल एवरेज टू रेंज तेजी से बढ़ा है. विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट वास्तविक मांग-आपूर्ति से अधिक तकनीकी कारणों जैसे मार्जिन कॉल और ऑप्शन हेजिंग से जुड़ी हुई है.
भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक अनिश्चितता और आपूर्ति से जुड़े जोखिमों के चलते निवेशक अब भी सोने-चांदी जैसी सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं.
चीन और अमेरिका में मजबूत खरीदारी, कमोडिटी निवेश में बढ़ोतरी और वैश्विक तनावों ने कीमती धातुओं की मांग को समर्थन दिया है.
सिंगापुर में सुबह 10:50 बजे तक चांदी की कीमत 4.6 प्रतिशत गिरकर 88.90 डॉलर प्रति औंस पर आ गई. सोना 0.5 प्रतिशत टूटकर 4,602.44 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा. प्लैटिनम और पैलेडियम के भाव में भी गिरावट दर्ज की गई.
ताजा सर्वे के अनुसार, सोने में जनवरी के बाद भी तेजी बने रहने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि, चांदी और तांबे में आपूर्ति की स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. इसी कारण इन धातुओं में निवेश का प्रवाह फिलहाल कमजोर पड़ता नजर आ रहा है.
