रायपुर 1 फरवरी 2026/ ETrendingIndia / Male penguins : A unique story of sacrifice, cooperation and the struggle for survival / नर पेंगुइन जीवन संघर्ष , पेंगुइन दुनिया के सबसे रोचक और अनोखे पक्षियों में गिने जाते हैं। ये मुख्य रूप से दक्षिणी गोलार्ध, खासकर अंटार्कटिका जैसे अत्यधिक ठंडे क्षेत्रों में पाए जाते हैं।
वैज्ञानिकों के अनुसार पेंगुइन की लगभग 18 प्रजातियां हैं, जिनमें एम्परर पेंगुइन सबसे बड़े और ताकतवर माने जाते हैं। एम्परर पेंगुइन की ऊंचाई करीब 4 फीट तक होती है और वजन 30 से 40 किलोग्राम तक पहुंच सकता है।
एम्परर पेंगुइन की सबसे खास पहचान उनका प्रजनन और पारिवारिक जीवन है। मादा पेंगुइन केवल एक अंडा देती है और उसे नर पेंगुइन को सौंपकर समुद्र की ओर भोजन की तलाश में चली जाती है। इसके बाद नर पेंगुइन अंडे को अपने पैरों पर रखकर पेट की मोटी त्वचा से ढक लेते हैं और 65 से 75 दिनों तक बिना कुछ खाए उसे सेते रहते हैं। इस पूरे समय वे अपने शरीर में जमा वसा (चर्बी) से ही ऊर्जा प्राप्त करते हैं।
वैज्ञानिकों का कहना है कि यह प्रकृति में नर द्वारा निभाई जाने वाली सबसे जिम्मेदार भूमिकाओं में से एक है। अंटार्कटिका में तापमान -60 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है, फिर भी नर पेंगुइन झुंड बनाकर खड़े रहते हैं, जिससे तेज ठंडी हवाओं से बचाव होता है और शरीर की गर्मी बनी रहती है।
पेंगुइन की जीवनशैली भी बेहद अनुशासित और संघर्षपूर्ण होती है। वे उड़ नहीं सकते, लेकिन पानी में शानदार तैराक होते हैं और मछलियों पर निर्भर रहते हैं। कठिन मौसम, सीमित भोजन और लंबी प्रतीक्षा के बावजूद पेंगुइन सहयोग, धैर्य और त्याग की मिसाल पेश करते हैं।
