रायपुर 26 मार्च 2026 / ETrendingIndia / No physical verification of Maa Danteshwari temple properties even after 45 years / दंतेश्वरी मंदिर संपत्ति सत्यापन , रियायत कालीन मां दंतेश्वरी मंदिर में 16 सितम्बर 1981 को पब्लिक ट्रस्ट घोषित कर दिया गया है। इसके बावजूद अब तक मंदिर की वस्तुओं का भौतिक सत्यापन नहीं किया गया है। इतना ही नहीं बस्तर महाराज प्रवीरचंद्र भंजदेव की मृत्यु के बाद से लेकर वर्ष 1994 के मध्य 28 वर्षों में दंतेश्वरी मंदिर से हुई लाखों रुपए के कीमती सामानों की चोरी की रिपोर्ट भी दर्ज नहीं कराई गई है।
न्यायालय रजिस्ट्रार पब्लिक ट्रस्ट द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि बस्तर स्टेट द्वारा बनवाए गए 22 मंदिरों को 16 सितम्बर 1981 को पब्लिक ट्रस्ट घोषित किया गया ताकि मंदिरों और इनकी संपत्तियों का संरक्षण हो सके। इसके लिए तहसीलदार जगदलपुर को मैनेजर टेंपल इस्टेट तथा हरिराम गोयल को पब्लिक ट्रस्ट का प्रेसिडेंट, पुखराज डागा को ट्रस्ट का मैनेजर तथा सीताराम कपूर, बसंत अवस्थी तथा गंगाधर सामंत को ट्रस्टी बनाया गया था। वर्तमान में इनमें सीताराम कपूर को छोड़ शेष ट्रस्टियों की मृत्यु हो चुकी है।
नई टीम खारिज
वर्ष 2004 – 05 में तत्कालीन विधायक डॉ सुबाहु कश्यप की अनुशंसा पर नए पब्लिक ट्रस्ट सदस्यों को नामांकित किया गया था, किंतु वर्ष 2020 में हाई कोर्ट ने इस गठन को खारिज कर दिया है। इसके बावजूद मैनेजर, इस्टेट कमेटी द्वारा नई पब्लिक ट्रस्ट का गठन नहीं किया गया है। इतना सब होने के बाद भी मां दंतेश्वरी मंदिर में हुई किसी भी चोरी की रिपोर्ट कोतवाली में नहीं की गई है।
45 साल से भौतिक सत्यापन नहीं
16 सितम्बर 1981 को मंदिरों को पब्लिक ट्रस्ट घोषित करने के बाद से अब तक दंतेश्वरी मंदिर के सोने- चांदी के कीमती सामानों तथा अन्य वस्तुओं का भौतिक सत्यापन नहीं किया जा रहा है।
जबकि वर्ष 1994 के बाद भी मां दंतेश्वरी मंदिर में चोरी हो चुकी हैं। यहां के प्रधान पुजारी कृष्ण कुमार पाढ़ी का कहना है कि जो लोग अपने आप को मंदिर का ट्रस्टी बता रहे हैं। वे ट्रस्टी नहीं हैं। इस दिशा में बस्तर ईस्टेट कमेटी के अध्यक्ष तथा जिलाधीश बस्तर को उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
चोरी गए सामानों की सूची
सोने की छड़ी, मांईजी की चांदी की पालकी, चांदी का 2 किलो से अधिक वजन की छत्र। चांदी की एक फीट ऊंची प्रतिमा, श्री नारायण मंदिर का चांदी का त्रिशूल, नारायण भगवान की मूर्ति में माथे में जुड़ा हुआ मणि, बिजली के झालर, लाइट इत्यादि सामग्री की चोरी हो चुकी है। जिसकी सूचना तिथिवार व्यवस्थापक टेंपल स्टेट जगदलपुर को दिया गया है।
बताते चलें कि उपरोक्त चोरी 25 मार्च 196 से 25 अप्रैल 1994 के मध्य 28 साल में हुई है, किंतु किसी भी चोरी की रिपोर्ट टेंपल इस्टेट कमेटी द्वारा कोतवाली में दर्ज नहीं कराई गई है।
होगी कारवाई
बस्तर ईस्टेट कमेटी अधीन पब्लिक ट्रस्ट का नव गठन किया जाएगा, वहीं कमेटी के सभी 22 मंदिरों की संपत्तियों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इस संदर्भ में कमेटी के अध्यक्ष जिलाधीश बस्तर से विस्तृत चर्चा भी की जाएगी।
( – राहुल गुप्ता, व्यवस्थापक
बस्तर ईस्टेट कमेटी, जगदलपुर। )
