रायपुर, 15 अप्रैल 2026/ ETrendingIndia / Creda: Green energy schemes strengthen drinking water, lighting and irrigation facilities / क्रेडा ग्रीन एनर्जी योजना , छत्तीसगढ़ राज्य में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में क्रेडा विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों ने आमजन के जीवन में उल्लेखनीय और सकारात्मक परिवर्तन लाया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में सौर ऊर्जा आधारित प्रणालियों के बेहतर उपयोग पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे विकास की गति को नई दिशा मिली है।
सौर ऊर्जा के उपयोग से जहां एक ओर स्वच्छ पेयजल और सिंचाई व्यवस्थाएं सुदृढ़ हुई हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिना बिजली बिल के निरंतर रोशनी सुनिश्चित हो रही है।
114 सोलर ड्यूल पंप से पेयजल और सिंचाई सुविधा सुदृढ़
ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय की पहल पर प्रत्येक परिवार तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
क्रेडा विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों में जल जीवन मिशन अंतर्गत जशपुर जिले में 114 सोलर ड्यूल पंप स्थापित किए गए हैं। इनसे पेयजल आपूर्ति के साथ-साथ सिंचाई के लिए सस्ती एवं सुलभ ऊर्जा उपलब्ध हो रही है।
घर के समीप जल उपलब्ध होने से महिलाओं को दूर से पानी लाने की परेशानी से राहत मिली है।
80 सोलर हाई मास्ट से रोशन हुए गांव और शहर
जशपुर जिले में सार्वजनिक स्थलों पर बेहतर प्रकाश व्यवस्था के लिए सोलर हाई मास्ट योजना के तहत ग्रामों, कस्बों और शहरी क्षेत्रों के प्रमुख चौक-चौराहों पर संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। पिछले दो वर्षों में 80 सोलर हाई मास्ट लगाए जा चुके हैं। इन सौर ऊर्जा आधारित लाइटों से रात्रिकालीन आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम हुआ है। साथ ही, दुर्घटनाओं और अपराधों में भी कमी आई है। जहां बिजली आपूर्ति सीमित या बाधित रहती है वहां भी ये हाई मास्ट निर्बाध रूप से रोशनी प्रदान कर रहे हैं।
800 सोलर पंप से किसानों को मिली बड़ी राहत
कृषि प्रधान छत्तीसगढ़ में सौर सुजला योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के अंतर्गत जशपुर जिले में पिछले दो वर्षों में 800 सोलर पंप स्थापित किए गए हैं, जिनसे सिंचाई सुविधाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। सोलर पंपों के उपयोग से किसानों को बिजली बिल से मुक्ति मिली है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। साथ ही कृषि उत्पादन में वृद्धि, भू-जल संरक्षण एवं संवर्धन, तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने जैसे सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
