रायपुर, 25 अप्रैल 2026/ ETrendingIndia / Grafted tomato cultivation in lieu of Than: Dubelal’s fortune changed, increased, many times more profit / ग्राफ्टेड टमाटर खेती लाभ , छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के ग्राम बम्बुरडीह के किसान दुबेलाल कोसरे ने यह साबित कर दिया है कि अगर किसान आधुनिक तकनीक अपनाए और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग करे, तो खेती भी शानदार मुनाफे का जरिया बन सकती है।
पारंपरिक खेती से सीमित आय
दुबेलाल पहले पारंपरिक तरीके से धान और अन्य फसलें उगाते थे। मेहनत और लागत ज्यादा होने के बावजूद उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता था, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में खास सुधार नहीं हो रहा था।
योजना से मिली नई दिशा
वर्ष 2025-26 में उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्हें राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के बारे में जानकारी मिली। इसके तहत ग्राफ्टेड टमाटर की खेती के लिए 30 हजार रुपये का अनुदान मिला। इस सहयोग ने उनके लिए नई राह खोल दी।
आधुनिक तकनीक से बढ़ा उत्पादन दुबेलाल ने 0.40 हेक्टेयर जमीन में ग्राफ्टेड टमाटर की खेती शुरू की।
उन्होंने ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और उच्च गुणवत्ता वाली पौध का उपयोग किया। इसका परिणाम यह रहा कि उन्हें प्रति एकड़ 16 से 18 टन तक उत्पादन मिला।
मुनाफे में बड़ा इजाफा
बाजार में टमाटर का औसत दाम 20 रुपये प्रति किलो मिलने से उन्हें करीब 3.09 लाख रुपये का लाभ हुआ। यह आमदनी धान की खेती की तुलना में कई गुना अधिक रही।
दूसरों के लिए बने प्रेरणा
अब दुबेलाल अपने गांव के अन्य किसानों को भी आधुनिक तकनीक अपनाने और बाजार की मांग के अनुसार खेती करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनके प्रयासों से गांव में उद्यानिकी खेती का रुझान बढ़ रहा है।
