the role of plant boosters
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रायपुर 27 अप्रैल 2026/ ETrendingIndia / Plant nutrients and the role of plant boosters / पौधों के पोषक तत्व , कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, पौधों की अच्छी वृद्धि के लिए संतुलित पोषण बेहद जरूरी है।

मुख्य रूप से एनपीके (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश) पौधों के विकास की आधारशिला हैं।

नाइट्रोजन (N) पत्तियों को हरा-भरा बनाता है, जिससे प्रकाश संश्लेषण बेहतर होता है। फॉस्फोरस (P) जड़ों को मजबूत बनाकर पौधे को जमीन से पोषक तत्व लेने में सक्षम करता है, जबकि पोटाश (K) रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है और फल-फूल की गुणवत्ता सुधारता है।

जड़ों, तनों और फल-फूल पर प्रभाव

संतुलित एनपीके देने से जड़ें गहरी और मजबूत होती हैं, जिससे पौधा सूखा सहन कर पाता है। तना मजबूत और सीधा बढ़ता है, जिससे पौधे का ढांचा अच्छा बनता है। वहीं फूल और फल बड़े, स्वस्थ और अधिक संख्या में विकसित होते हैं।

डीएपी और अन्य उर्वरक

डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) में नाइट्रोजन और फॉस्फोरस होता है, जो रोपाई के समय जड़ों की शुरुआती वृद्धि के लिए उपयोगी है। इसके अलावा फर्टिलाइजर टैबलेट और सूक्ष्म पोषक तत्व (जिंक, आयरन आदि) पौधों की छिपी कमी को दूर करते हैं।

प्लांट बूस्टर की भूमिका

सी-वीड, ह्यूमिक एसिड और माइक्रोन्यूट्रिएंट बूस्टर पौधों के लिए टॉनिक की तरह काम करते हैं।

ये मिट्टी की गुणवत्ता सुधारते हैं, पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाते हैं और पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करते हैं।

उपयोग में सावधानियां

उर्वरकों का प्रयोग हमेशा संतुलित मात्रा में करें, क्योंकि अधिक मात्रा नुकसान पहुंचा सकती है। खाद डालने से पहले हल्की सिंचाई करें और तेज धूप में छिड़काव न करें। बीमार पौधों में उर्वरक देने से बचें तथा डीएपी और यूरिया को साथ में न मिलाएं।

इस प्रकार सही पोषण और सावधानी से पौधे स्वस्थ, मजबूत और अधिक उत्पादन देने वाले बनते हैं।