रायपुर, 18 मई 2026/ ETrendingIndia / Somru Ram of Abujmar: Aadhaar card made in a single day at good governance camp / सुशासन शिविर आधार कार्ड , छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए चलाया जा रहा ‘सुशासन तिहार 2026’ अभियान दूरस्थ वनांचल के ग्रामीणों के लिए नई उम्मीद और खुशियां लेकर आ रहा है।
इसकी एक बेहद सुखद तस्वीर नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र से सामने आई है, जहाँ ग्राम पीडियाकोट निवासी श्री सोमरू राम पोडियाम का बरसों से लंबित आधार कार्ड सुशासन शिविर की तत्परता से महज एक ही दिन में बनकर तैयार हो गया।
संसाधनों की कमी और दूरी थी बाधा
पीडियाकोट जैसे अत्यंत दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्र में रहने वाले सोमरू राम आधार योजना की शुरुआत के बाद से ही अपना कार्ड बनवाने के लिए प्रयासरत थे। लेकिन भौगोलिक कठिनाइयों, संसाधनों की कमी और जरूरी सुविधाओं के अभाव के कारण उनका आधार कार्ड नहीं बन पा रहा था।
पहचान का यह महत्वपूर्ण दस्तावेज न होने की वजह से उन्हें सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ उठाने में लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
शिविर में हुआ ‘ऑन द स्पॉट’ समाधान
सुशासन तिहार के तहत आयोजित समाधान शिविर सोमरू राम के लिए वरदान साबित हुआ। शिविर में जैसे ही उनकी यह समस्या जिला प्रशासन के अधिकारियों के समक्ष आई, अधिकारियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल एक्शन लिया। शिविर स्थल पर ही उनके दस्तावेजीकरण और बायोमेट्रिक की प्रक्रिया पूरी कर उनका आधार पंजीयन कराया गया। जो काम सालों से अटका था, वह प्रशासनिक मुस्तैदी से कुछ ही घंटों में पूरा हो गया।
सोमरू राम के चेहरे पर लौटी मुस्कान
हाथ में अपना आधार कार्ड पाकर सोमरू राम के चेहरे पर वर्षों का इंतजार खत्म होने की खुशी साफ झलक रही थी। भावुक होते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और नारायणपुर जिला प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अब मुझे सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में कोई परेशानी नहीं होगी। प्रशासन खुद हमारे पास आया और हमारी समस्या दूर कर दी।
अबूझमाड़ के दुर्गम इलाकों तक पहुंच रहा सुशासन
अबूझमाड़ जैसे देश के सबसे कठिन और पहुंचविहीन क्षेत्रों में शामिल इलाके में इस तरह त्वरित रूप से नागरिक सेवाएं प्रदान करना 'सुशासन तिहार' की एक बड़ी सफलता है।
सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य ही यही है कि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक शासन की योजनाएं और बुनियादी सुविधाएं बिना किसी रुकावट के और पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचें।
