रायपुर 23 मई 2026/ ETrendingIndia / निजी स्कूल जांच समिति के गठन से फीस मनमानी पर सख्ती
छत्तीसगढ़ सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर में निजी स्कूल जांच समिति के गठन के आदेश जारी किए हैं।
यह फैसला फीस वृद्धि, महंगी किताबों और यूनिफॉर्म बिक्री को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद लिया गया है। इसके अलावा, सरकार ने नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के संकेत भी दिए हैं।
अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर कार्रवाई
निजी स्कूल जांच समिति का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों पर पड़ रहे अतिरिक्त आर्थिक बोझ को कम करना है।
विभाग के अनुसार कई निजी स्कूल पालकों को एक तय दुकान से किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य सामग्री खरीदने के लिए मजबूर कर रहे थे। इस कारण अभिभावकों को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही थी।
इसलिए सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निगरानी व्यवस्था मजबूत की है।
जिला और विकासखंड स्तर पर बनी समितियां
निजी स्कूल जांच समिति के तहत जिला स्तर पर कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी और जीएसटी विभाग के सहायक आयुक्त को जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा, विकासखंड स्तर पर एसडीएम, विकासखंड शिक्षा अधिकारी और जीएसटी इंस्पेक्टर जांच करेंगे।
इसी तरह, ये समितियां शिकायतों की जांच कर रिपोर्ट तैयार करेंगी और आवश्यक कार्रवाई की सिफारिश करेंगी।
फीस बढ़ाने पर भी होगी कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि निजी स्कूल जांच समिति फीस वृद्धि से जुड़ी शिकायतों पर स्वतः संज्ञान लेगी।
इसके साथ ही, छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय फीस विनियमन अधिनियम-2020 के तहत नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, विभाग ने यह भी कहा कि कार्रवाई पूरी तरह जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी।
अभिभावकों को मिलेगी राहत
निजी स्कूल जांच समिति के गठन से अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। क्योंकि अब स्कूलों की मनमानी पर निगरानी रखी जाएगी।
