Share This Article

रायपुर 09 जून 2026/ ETrendingIndia / Mahtari Vandan Yojana: Combining 9 months of financial aid, Dulari started her business… earning a net profit of ₹10,000 per month. ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं अब केवल घर-गृहस्थी और चूल्हे-चौके तक सीमित नहीं हैं। वे अपने हुनर, कड़ी मेहनत और शासकीय योजनाओं के सहयोग से आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल बन रही हैं।

ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है श्रीमती दुलारी माण्डले की है, जो महिला कल तक खुद मजदूरी करने को मजबूर थी, आज वह सरकार की योजना के सहारे एक सफल उद्यमी बनकर अन्य लोगों को रोजगार दे रही हैं।

श्रीमती माण्डले विकासखण्ड आरंग के ग्राम भानसोज की निवासी हैं। उन्होंने बताया कि वे और उनकी सास ने महतारी वंदन योजना से मिलने वाली 1 हजार रूपए की सहायता राशि की बचत करना शुरू किया और 9 महीने की जमा राशि 18 हजार रूपए से घरेलु उद्योग की शुरूआत की।

ग्राम की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने उन्हें इस व्यवसाय हेतु उन्हें मार्गदर्शन प्रदान किया।

कार्यकर्ताओं की सलाह पर श्रीमती माण्डले ने अपने पति के सहयोग से बाज़ार से कच्चा माल खरीदा और घर पर ही ‘नड्डा एवं मुर्कू’ का उत्पादन कर उनकी आकर्षक पैकेज़िग का काम शुरू किया।

शुरूआत में श्रीमती माण्डले को पैकेज़िग और बाज़ार में बिक्र को लेकर काफी दिक्कतों का समाना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उनके परिवार ने इस काम में उनका पूरा साथ दिया।

उत्पाद के तैयार होने पर उनके बेटे ने सुबह-सुबह आस-पास के गांवों के किराना दुकानों में नड्डा एवं मुर्कू की सप्लाई शुरू किया।

इस व्यवसाय से न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मज़बूत हुई बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए रोजगारे के नए माध्यम भी खुले। उनके पास 4 से 6 लोग नियमित रूप से कार्य कर रहे हैं।

श्रीमती माण्डले ने बताया कि व्यवसाय में कच्चा माल, मजदूरी, पैकेज़िग एवं अन्य खर्चों के बाद भी उन्हें हर महीने 10 हजार रूपए तक का शुद्ध लाभ हो रहा है.