रायपुर, 02 जुलाई 2026/ Soybean Farming: Impact of high prices…! Farmers in Madhya Pradesh return to soybean cultivation.
Soybean Farming : मध्य प्रदेश सहित देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों में इस वर्ष सोयाबीन की खेती का रकबा बढ़ने की संभावना है। बेहतर बाजार भाव के कारण कई किसान मक्का छोड़कर फिर से सोयाबीन की खेती की ओर लौट रहे हैं। हालांकि अंतिम उत्पादन अगले तीन महीनों के दौरान मानसून की स्थिति पर निर्भर करेगा।
किसानों का बदला रुझान
किसानों का कहना है कि सोयाबीन के अच्छे दाम और कम अवधि में तैयार होने वाली फसल होने के कारण इसकी मांग बढ़ी है। कई किसानों ने पहले मक्का बोने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में अधिक लाभ की उम्मीद में सोयाबीन की बुवाई को प्राथमिकता दी।
मध्य प्रदेश में तेज हुई बुवाई
मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में अच्छी वर्षा के बाद खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आई है। कृषि विभाग किसानों को उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक और वैज्ञानिक खेती अपनाने की सलाह दे रहा है। राज्य में 15 जुलाई तक अधिकांश क्षेत्रों में बुवाई पूरी होने की संभावना है।
बारिश पर टिकी उत्पादन की उम्मीद
सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन (सोपा) के अनुसार 30 जून तक लगभग 28.92 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन की बुवाई हो चुकी है।
संगठन का अनुमान है कि इस वर्ष कुल रकबा पिछले वर्ष से अधिक रह सकता है, लेकिन अच्छी पैदावार के लिए जुलाई से सितंबर तक नियमित और पर्याप्त वर्षा आवश्यक होगी। महाराष्ट्र में नमी की कमी से बुवाई कुछ धीमी है, जबकि अन्य राज्यों में कार्य संतोषजनक गति से जारी है।
