Share This Article रायपुर, 06 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / MP: Online applications for admission to government hostels until July 20. मध्य प्रदेश के राज्य शिक्षा केन्द्र, स्कूल शिक्षा विभाग ने संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालक/बालिका शासकीय छात्रावासों में रिक्त स्थानों पर प्रवेश के लिए अंतिम चरण में 20 जुलाई तक आवेदन कर सकेंगे। इस वर्ष से प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन की गई है। इसके लिए विभाग ने एजुकेशन पोर्टल 3.0 के माध्यम से विशेष होस्टल प्रबंधन प्रणाली विकसित की है। संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री हरजिंदर सिंह ने बताया कि, प्रदेश में संचालित छात्रावासों में विशेष रूप से वंचित वर्गों की बालिका/बालक को उच्च प्राथमिक स्तर की शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के लिए पारदर्शी ऑनलाइन प्रवेश प्रणाली प्रारंभ की गई है। यह ई-हॉस्टल प्रबंधन प्रणाली एक समेकित (Integrated) डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में प्रवेश प्रक्रिया, सीट आवंटन, अभिलेख संधारण तथा प्रशासनिक कार्यों को ऑनलाइन एवं पारदर्शिता के साथ संचालित करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। यह प्रणाली विशेष रूप से कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) टाइप-I एवं III एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास (एनएससीबी) बालक/बालिका छात्रावासों के पारदर्शी प्रबंधन एवं उनमें प्रवेश की सुविधा के लिए विकसित की गई है। आवेदन की अंतिम तिथि एवं प्रक्रिया राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार छात्रावासों में कक्षा 6वीं एवं अन्य कक्षाओं की रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए विद्यार्थी अंतिम चरण में 20 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। हॉस्टल में भर्ती के लिए अभिभावक/पालक/विद्यार्थी द्वारा ऑनलाइन आवेदन नजदीकी एमपी ऑनलाइन कियोस्क केंद्र से स्कूल शिक्षा विभाग की वेबसाइट https://educationportal3.in के माध्यम से भरा जा सकता है। यदि अभिभावक/पालक/विद्यार्थी को फॉर्म भरने में कोई समस्या आती है तो आवेदन वार्डन के सहयोग से भी भरा जा सकेगा। छात्रावासों में प्रवेश प्रात्रता छात्रावासों में लक्ष्य अनुसार 50/100/150/ 175/200/220/275 स्थान उपलब्ध हैं। कक्षा 6 से 8 की बालिका को (कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (टाईप-I) में तथा नेताजी सुभाष चन्द्र बोस बालिका छात्रावास प्रवेश दिया जाता है। वहीं कक्षा 6 से 12 की बालिका को (कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (टाईप- III) में प्रवेश की पात्रता है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्रावास की मार्गदर्शिका के अनुसार 75 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग की बालिकाओं के लिए एवं 25 प्रतिशत स्थान गरीबी रेखा के नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाले परिवारों की बालिकाओं के लिए नियत हैं। इनमें अस्थि बाधित, अनाथ व बेसहारा किसी भी वर्ग की बालिकाओं को चयन में प्राथमिकता दी जाती है। इसके अतिरिक्त प्रदेश में संचालित 66 नेताजी सुभाष चन्द्र बोस बालक छात्रावासों में कक्षा 3 से कक्षा 8 तक में पात्र बालकों को प्रवेश दिया जाता है। ये बालक छात्रावास, शाला अप्रवेशी एवं शाला त्यागी बालकों के लिए उनकी आयु के अनुरूप कक्षा में दर्ज करवाकर विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से कक्षा अनुसार दक्षताएं विकसित कर शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़े जाने के लिए संचालित हैं। इनमें विशेष रूप से ऐसे बच्चे जो रेल्वे स्टेशन एवं बस स्टैण्ड के प्लेट फार्म पर रहने वाले, पन्नी बीनने वाले, पलायन करने वाले परिवारों के बच्चे अथवा घर से भटके हुए विमुक्त (Denotified Tribal) एवं प्रिमिटिव ट्राइबल परिवार के बच्चे, वन ग्राम पटटा धारी परिवारों के बच्चों को आवासीय सुविधाएं प्रदान कर शिक्षा की मुख्य धारा से जोडकर प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण कराई जाती है। प्रदेश में संचालित छात्रावासों की संख्या प्रदेश में राज्य शिक्षा केन्द्र अंतर्गत 207 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, 324 नेताजी सुभाष चन्द्र बोस बालिका एवं 66 नेताजी सुभाष चन्द्र बोस बालक छात्रावास संचालित है। सभी छात्रावासों में ऐसे बालिका/बालक जो शाला से बाहर हैं अथवा जो प्रारंभिक शिक्षा से वंचित हैं एवं पारिवारिक कारणों से परिवार में रहते हुए प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त नहीं कर सकते हैं उन्हें छात्रावास में रखकर प्रारंभिक शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई जाती हैं। Share This Article Post navigation MP मछली उत्पादन को मिली अंतर्राष्ट्रीय पहचान : मुख्यमंत्री , कुवैत की मत्स्य कंपनी ने किया 7,430 करोड़ रूपए का एग्रीमेंट Indore Viral Wedding : इंदौर की ‘मानसून वेडिंग’ बनी इंटरनेट सेंसेशन…! पानी में तैरते जूते-चप्पल…गोद में दुल्हन और सात फेरे