Amit Shah and Sarbananda Sonowal
Amit Shah and Sarbananda Sonowal
Share This Article

रायपुर, 10 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / “Amit Shah and Sarbananda Sonowal review progress of Bureau of Port Security: Emphasis on making coastal security impenetrable…”केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केन्द्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जहाजरानी मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने आज पत्तन सुरक्षा ब्यूरो – BoPS के गठन में हुई प्रगति की समीक्षा की।

बैठक में केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो के निदेशक, सीमा प्रबंधन सचिव, पत्तन-पोत परिवहन सचिव, मत्स्यपालन सचिव और CISF के महानिदेशक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार तटीय सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि बंदरगाहों की सुरक्षा में केवल लाइसेंस प्राप्त निजी सुरक्षा एजेंसी ही कार्य करे और सिर्फ ऐसे निजी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती हो जिन्हें CISF से प्रशिक्षण प्राप्त हो।

गृह मंत्री ने पत्तन सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान – PSTI में उपलब्ध इंफ्रास्ट्रक्चर में सुरक्षाकर्मियों का प्रशिक्षण जल्द शुरू करने के निर्देश दिए।

बैठक में निर्णय लिया गया कि BoPS में तैनात किए जाने वाले सुरक्षाकर्मियों का एक डेटाबेस तैयार किया जाए।

श्री शाह ने कहा कि BoPS की सुरक्षा व्यवस्था वाले सभी बंदरगाहों पर कंटेनर स्कैनिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने CISF को निर्देश दिया कि वह विशाखापत्तनम पोर्ट, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट और मुंद्रा पोर्ट जैसे बड़े बंदरगाहों पर जाकर BoPS को सौंपी जाने वाली सुरक्षा का ट्रायल करे।

BoPS का गठन Merchant Shipping Act, 2025 की धारा 13 के तहत एक वैधानिक निकाय के रूप में किया जा रहा है। ब्यूरो का नेतृत्व एक महानिदेशक करेंगे और यह पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के अधीन काम करेगा।

BoPS जहाजों और बंदरगाहों पर सुविधाओं की सुरक्षा से संबंधित नियामक एवं निरीक्षण कार्यों के लिए उत्तरदायी होगा। ब्यूरो सुरक्षा संबंधी सूचनाओं का समयबद्ध विश्लेषण, संग्रहण और आदान-प्रदान सुनिश्चित करेगा।

इसमें साइबर सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और बंदरगाहों की IT अवसंरचना को डिजिटल खतरों से सुरक्षित रखने के लिए डेडिकेटेड प्रभाग भी बनाया जाएगा।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने बैठक के बाद मत्स्यपालन विभाग के अधिकारियों के साथ भी बैठक की और फिशिंग हार्बर्स तथा फिश लैन्डिंग सेंटर्स की सुरक्षा के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि ISRO द्वारा विकसित ‘नभमित्र’ ऐप का और प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक नाविक इसे अपने मोबाइल में डाउनलोड कर सकें। यह ऐप समुद्र में मछुआरों की सुरक्षा और आपातकालीन सहायता के लिए महत्वपूर्ण है।

श्री शाह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी जिलों के DM और SP को पत्र लिखकर जिले में मौजूद सभी फिश लैन्डिंग सेंटर्स की सूची केंद्र को भेजी जाए। उन्होंने मत्स्यपालकों के पंजीकरण को आसान बनाने पर जोर दिया।

गृह मंत्री ने कहा कि जिला पुलिस अधीक्षक सुनिश्चित करें कि फिश लैन्डिंग सेंटर्स पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था हो और वहां स्थायी पुलिसकर्मियों की ही नियुक्ति की जाए।

उन्होंने कहा कि तटीय राज्यों में सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय समुदाय को भी सुरक्षा तंत्र से जोड़ा जाए। बंदरगाहों, फिशिंग हार्बर्स और तटीय क्षेत्रों में निगरानी, खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान और तकनीक के इस्तेमाल से सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा।

सरकार का लक्ष्य है कि देश की समुद्री सीमा पर किसी भी प्रकार की घुसपैठ, तस्करी या आतंकी गतिविधि को रोका जा सके।