Share This Article रायपुर, 24 जुलाई 2026/ Paper Leak: Had the government wanted, a discussion could have been held in the House on the very first day… but instead of doing so, it rained lathis on the students: Congress. Paper Leak : प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में विपक्षी दलों ने बृहस्पतिवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत इंडिया गठबंधन के कई वरिष्ठ विपक्षी नेता इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। विपक्षी दलों ने एक सुर में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग उठाई। कांग्रेस नेताओं ने पेपर लीक के मुद्दे पर बृहस्पतिवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए ट्वीट पर भी करारा प्रहार किया। संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ट्वीट के जरिए दिए गए हालिया बयान को भड़काऊ बताते हुए कहा कि सरकार राज्यसभा में नियम 267 के तहत चर्चा से भाग रही है। अब चर्चा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद ही होगी – खरगे खरगे ने दो टूक शब्दों में कहा कि अब चर्चा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद ही होगी। उन्होंने कहा कि देशभर में हजारों युवा सड़कों पर उतर चुके हैं, जिन पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है और कई छात्र गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती हैं। परेशान माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार अगर तैयार होती तो पहले दिन ही सदन में चर्चा होती, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया, उल्टा छात्रों को पीटा गया। कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी बताया कि बृहस्पतिवार को सत्तापक्ष द्वारा विपक्षी सांसदों के लिए संसद के दरवाजे तक बंद कर दिए गए थे। मोदी गंभीर मुद्दे पर मौन साधे रहे और आज अचानक ट्वीट कर रहे हैं… प्रधानमंत्री की नीयत पर सवाल उठाते हुए खरगे ने कहा कि नरेंद्र मोदी लंबे समय तक इस गंभीर मुद्दे पर मौन साधे रहे और आज अचानक ट्वीट कर रहे हैं। उन्होंने पूछा कि वह अब तक चुप क्यों थे? उन्होंने मौजूदा हालात के लिए प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री अप्रत्यक्ष रूप से अपने सांसदों को छात्र आंदोलन के विरोध में खड़ा करते हैं। इससे पहले सदन में बोलते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना ही होगा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के ट्वीट पर जोरदार पलटवार किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने ही देश के युवाओं के भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। प्रधानमंत्री ने न सिर्फ देश की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद होने दिया, बल्कि इसके जिम्मेदार हर व्यक्ति को संरक्षण दिया। छात्रों की मांग दोहराते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री तुरंत धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाएं और छात्रों से माफी मांगें। साथ ही छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी प्रधानमंत्री के ट्वीट पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की बात कुछ ऐसी लगती है जैसे कोई बच्चा अपने पिता से कहे कि वह डिजाइनर बनना चाहता है और पिता जवाब दें कि फिक्र मत करो, मैंने सेटिंग करके तुम्हारा दाखिला इंजिनियरिंग कॉलेज में करा दिया है। युवाओं का मौजूदा सिस्टम से पूरी तरह भरोसा उठ चुका है – प्रियंका उन्होंने जोर देकर कहा कि युवाओं का मौजूदा सिस्टम से पूरी तरह भरोसा उठ चुका है। अगर प्रधानमंत्री सिस्टम के दायरे में रहकर छात्रों की समस्या का समाधान करेंगे तो छात्र उसे नहीं मानेंगे; समाधान तभी निकल सकता है जब सरकार छात्रों की मांग माने। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और उन्हें पीटने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो। कांग्रेस महासचिव ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ट्वीट करते हैं कि उन्हें छात्रों पर भरोसा है, लेकिन बुधवार रात को पुलिस छात्रों को पीट रही थी। उन्होंने पूछा कि छात्रों पर आंसू गैस के गोले क्यों छोड़े जा रहे हैं ? अगर सरकार को छात्रों की चिंता है, तो उनसे बात करे। उन्होंने कहा कि पिछले कई संसद सत्रों से सत्ता पक्ष के सांसद खुद संसद के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं; सरकार खुद संसद नहीं चलने दे रही है। उन्होंने भाजपा नेताओं को कमजोर और कायर बताया। कांग्रेस महासचिव ने कहा कि पिछले दस वर्षों में 152 पेपर लीक हो चुके हैं, लेकिन सरकार अब तक किसी भी दोषी को सजा नहीं दिला सकी है। उन्होंने सीधे सवाल दागते हुए पूछा कि शिक्षा मंत्री बताएं कि पेपर लीक क्यों हुआ, गृह मंत्री जवाब दें कि जायज मांगों के लिए प्रदर्शन कर रहे बच्चों पर लाठियां क्यों चलाई गईं और प्रधानमंत्री स्पष्ट करें कि इन दोनों मंत्रियों की जवाबदेही अब तक तय क्यों नहीं की गई। प्रियंका गांधी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री देश की हर उपलब्धि का श्रेय खुद लेते हैं, तो उन्हें पिछले 10 सालों में हुए 152 पेपर लीक और किसी भी दोषी को सजा नहीं होने की जिम्मेदारी भी स्वीकार करनी चाहिए।” Share This Article Post navigation परीक्षा घोटालों की सुनवाई … नई फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित Cyber Fraud : साइबर धोखाधड़ी पर केंद्र सरकार का बड़ा अभियान…! 88 लाख से अधिक संदिग्ध मोबाइल कनेक्शन बंद…’संचार साथी’ से मिली 11 लाख से अधिक शिकायतें