SIR: Nationwide electoral roll revision...! Election Commission's strict measures to safeguard eligible voters.
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रायपुर, 26 जुलाई 2026/ SIR : निर्वाचन आयोग देशभर में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) चरणबद्ध तरीके से कर रहा है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह सटीक, अद्यतन और डुप्लीकेट या अपात्र नामों से मुक्त बनाना है।

आयोग का कहना है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से न हटे, इसके लिए कई सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं।

तीन चरणों में चल रहा विशेष पुनरीक्षण

चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को चरणबद्ध तरीके से लागू किया है। पहले बिहार, फिर 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में प्रक्रिया पूरी की गई। अब शेष राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, जिनमें दिल्ली भी शामिल है, में यह अभियान जारी है।

घर-घर पहुंच रहे बीएलओ

बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं। फॉर्म का वितरण, संग्रह, मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन और दावे-आपत्तियों के बाद ही अंतिम सूची जारी की जा रही है।

किन परिस्थितियों में हटता है नाम ?

मतदाता सूची से नाम केवल उचित सत्यापन के बाद ही हटाया जाता है। इसके प्रमुख कारण हैं –

मतदाता की मृत्यु

स्थायी रूप से अन्य स्थान पर निवास

एक से अधिक स्थानों पर पंजीकरण

कई बार संपर्क के बावजूद मतदाता का नहीं मिलना

पात्र मतदाताओं की सुरक्षा के लिए 5 बड़े उपाय

नाम हटाने से पहले कम से कम 2-3 बार घर जाकर सत्यापन।

निर्धारित प्रक्रिया और कारण दर्ज होने के बाद ही कार्रवाई।

मसौदा सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर।

जिला स्तर और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपील की व्यवस्था।

राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों द्वारा भी सत्यापन।

सुप्रीम कोर्ट ने प्रक्रिया को माना वैध

सुप्रीम कोर्ट ने मई 2026 के अपने फैसले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को चुनाव आयोग के संवैधानिक और वैधानिक अधिकारों के अनुरूप बताया। अदालत ने माना कि यह प्रक्रिया स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।

गुणवत्ता जांच भी लगातार जारी

निर्वाचन आयोग के अनुसार हर चरण में क्रॉस-वेरिफिकेशन, रैंडम ऑडिट और प्राप्त शिकायतों की जांच की जाती है। यदि कोई शिकायत सही पाई जाती है तो अंतिम सूची जारी होने से पहले संबंधित मतदाता का नाम बहाल किया जाता है।

मुख्य संदेश

चुनाव आयोग का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य किसी पात्र मतदाता का नाम हटाना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, सटीक और विश्वसनीय बनाना है।