रायपुर, 29 जुलाई। Made in India Toys ‘मेड इन इंडिया’ खिलौनों की वैश्विक बाजार में मांग तेजी से बढ़ रही है। पिछले सात वर्षों में भारत का खिलौना उद्योग उल्लेखनीय रूप से मजबूत हुआ है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत से खिलौनों के निर्यात (Export) में 89.1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि आयात (Import) 37.5% घट गया है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में लिखित जवाब में यह जानकारी देते हुए बताया कि सरकार की नीतियों, घरेलू विनिर्माण (Manufacturing) और गुणवत्ता सुधार के कारण भारत अब खिलौनों का शुद्ध निर्यातक (Net Exporter) बनकर उभरा है।
अमेरिका और यूरोप में बढ़ी भारतीय खिलौनों की मांग
भारतीय खिलौने अब अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और नीदरलैंड्स जैसे विकसित देशों में बड़े पैमाने पर निर्यात किए जा रहे हैं। इससे वैश्विक बाजार में भारत की पहचान एक मजबूत टॉय मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में बन रही है।
7 साल में पूरी तरह बदली तस्वीर
ट्रेडस्टैट के आंकड़ों के अनुसार-
- 2018-19 में खिलौनों का आयात: 371.7 मिलियन अमेरिकी डॉलर
- 2025-26 में आयात: 232.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर (37.5% की कमी)
वहीं,
- 2018-19 में खिलौनों का निर्यात: 203.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर
- 2025-26 में निर्यात: 384.7 मिलियन अमेरिकी डॉलर (89.1% की बढ़ोतरी)
ये आंकड़े बताते हैं कि भारत में खिलौना निर्माण क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा दोनों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
सरकारी नीतियों का मिला बड़ा फायदा
विशेषज्ञों के अनुसार, ‘मेक इन इंडिया’, गुणवत्ता मानकों को बढ़ावा, घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहन और स्थानीय उद्योगों के समर्थन जैसी नीतियों ने भारतीय खिलौना उद्योग को नई पहचान दिलाई है। इसका लाभ छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) को भी मिल रहा है।
