Leopard Rescue: Leopard that had been spreading terror for a month trapped in a cage...! Major success for the Forest Department.
Leopard Rescue
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रायपुर, 01 अगस्त। Leopard Rescue : छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के केरावाहारा गांव में पिछले एक महीने से ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग की सतर्कता और सुनियोजित रणनीति के चलते सुरक्षित पकड़ लिया गया। वन विभाग ने बिना किसी नुकसान के तेंदुए का सफल रेस्क्यू कर संभावित मानव-वन्यजीव संघर्ष को टाल दिया।

वन मंत्री के निर्देश पर हुई त्वरित कार्रवाई

वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार गरियाबंद वनमंडल की टीम ने क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी। तेंदुए की गतिविधियों को देखते हुए गांव में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई और रणनीतिक स्थानों पर केज ट्रैप (पिंजरा) लगाया गया।

मवेशियों पर कर चुका था हमला

वन विभाग के अनुसार तेंदुआ पहले क्षेत्र में पालतू मवेशियों पर हमला कर चुका था। इसके अलावा विद्यालय परिसर और रिहायशी इलाकों के आसपास उसकी मौजूदगी की सूचना लगातार मिल रही थी, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल था।

रेस्क्यू टीम की रणनीति रही सफल

गरियाबंद वनमंडल, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व और वन्यजीव विशेषज्ञों की संयुक्त टीम ने प्रशिक्षित लेपर्ड रेस्क्यू टीम के साथ अभियान चलाया। पूरी तैयारी और निगरानी के बाद तेंदुआ सुरक्षित रूप से पिंजरे में कैद हो गया।

स्वास्थ्य परीक्षण के बाद होगा फैसला

पकड़े गए तेंदुए का तीन सदस्यीय पशु चिकित्सक दल स्वास्थ्य परीक्षण कर रहा है। उसकी शारीरिक स्थिति, किसी चोट या बीमारी और प्राकृतिक आवास में छोड़े जाने की उपयुक्तता का आकलन किया जाएगा। विशेषज्ञों की रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई होगी।

वन विभाग की अपील

वन विभाग ने ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी वन्यजीव की गतिविधि दिखने पर तुरंत वन अमले को सूचना देने की अपील की है। विभाग ने कहा कि मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।