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रायपुर, 16 सितंबर। GAD Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति वर्ग के जाति प्रमाण पत्र को लेकर राज्य शासन ने अहम निर्णय लिया है। अब निर्धारित प्रक्रिया और जांच में पात्र पाए जाने पर राजस्व अभिलेखों में चमार या मोची दर्ज होने वाले रोहिदास जाति के लोगों को ‘रोहिदास’ नाम से जाति प्रमाण पत्र जारी किया जा सकेगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी विभाग प्रमुखों, संभागायुक्तों, कलेक्टरों और विभागाध्यक्षों को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं।

पुराने रिकॉर्ड में नाम अलग होने से आ रही थी परेशानी

राज्य शासन के संज्ञान में आया था कि कुछ जिलों में रोहिदास जाति से संबंधित लोगों के पूर्वजों के राजस्व अभिलेखों में चमार या मोची जाति दर्ज है। ऐसे मामलों में संबंधित लोगों को अपने वर्तमान सामाजिक पहचान के अनुरूप ‘रोहिदास’ जाति का प्रमाण पत्र प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। शासन ने अब ऐसी स्थिति में प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को स्पष्ट कर दिया है।

सरकार ने स्पष्ट की प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया

सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार द्वारा जारी पत्र के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति के पूर्वजों के राजस्व रिकॉर्ड में चमार अथवा मोची जाति दर्ज है और वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत रोहिदास जाति का प्रमाण पत्र जारी करने के लिए आवेदन करता है, तो सक्षम अधिकारी संबंधित दावे और दस्तावेजों की जांच करेंगे।

यह जांच 1 अगस्त 1996 के सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र में निर्धारित आधार बिंदुओं के अनुसार की जाएगी। जांच में यदि अधिकारी इस निष्कर्ष पर पहुंचते हैं कि अभ्यर्थी रोहिदास जाति से संबंधित है, तो उसे रोहिदास जाति का प्रमाण पत्र जारी किया जा सकता है।

अनुसूचित जाति की सूची में शामिल हैं चमार, मोची और रोहिदास

शासन के पत्र में संविधान के अनुच्छेद 341 के तहत भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के लिए अधिसूचित अनुसूचित जातियों की सूची का भी उल्लेख किया गया है। सूची के सरल क्रमांक 14 में चमार, चमारी, बेरवा, भांबी, जाटव, मोची, रेगर, नोना, रोहिदास, रामनामी, सतनामी, सूर्यबंशी, सूर्यराम नामी, अहिरवार, मांगन और रैदास समेत संबंधित जाति नाम शामिल हैं।

शासन के अनुसार, चमार अथवा मोची और रोहिदास जाति का नाम भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के लिए अधिसूचित अनुसूचित जाति की सूची में शामिल होने के कारण पात्र व्यक्ति को रोहिदास नाम से प्रमाण पत्र जारी करने से उसके संवैधानिक अधिकारों और संबंधित प्रावधानों में कोई अंतर नहीं आएगा।

पात्र लोगों को मिलेगी राहत, अधिकारियों को दिए गए निर्देश

राज्य शासन के इस निर्णय से उन पात्र लोगों को राहत मिल सकती है, जिनके परिवार के पुराने राजस्व अभिलेखों में चमार या मोची दर्ज होने के कारण रोहिदास जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने में समस्या आ रही थी। हालांकि प्रमाण पत्र जारी करने से पहले निर्धारित दस्तावेजों और जांच प्रक्रिया के आधार पर अभ्यर्थी की जाति का परीक्षण किया जाएगा।


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