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बिलासपुर, 16 सितंबर 2026। RPF Action : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रेलवे की कॉपर केबल चोरी करने वाले एक गिरोह का RPF ने खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य दिल्ली से अनूपपुर पहुंचते थे, किराए के मकानों में ठहरते और स्कूटर से रेलवे ट्रैक व आसपास के इलाकों की रेकी करते थे। इसके बाद मौका देखकर रेलवे की कॉपर केबल और तांबे की अन्य सामग्री चोरी कर ली जाती थी। मामले में RPF ने 10 चोरों और 7 रिसीवर समेत कुल 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

बुढ़ार से शहडोल तक रेलवे केबल पर गिरोह की नजर

बुढ़ार, सिंहपुर, छादा और शहडोल क्षेत्र में रेलवे कॉपर केबल चोरी की लगातार घटनाओं के बाद RPF ने जांच तेज की। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त, बिलासपुर के निर्देश पर RPF बिलासपुर और अनूपपुर की संयुक्त टीम ने मामले की पड़ताल शुरू की। जांच आगे बढ़ने पर गिरोह के सदस्यों और उनके चोरी करने के तरीके से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई।

दिल्ली से अनूपपुर पहुंचकर बनाते थे चोरी का प्लान

जांच के दौरान पता चला कि आरोपी दिल्ली से अनूपपुर क्षेत्र में पहुंचते थे और किराए के मकानों में रहकर रेलवे संपत्ति की निगरानी करते थे। चार स्कूटरों के जरिए आरोपी रेलवे ट्रैक और आसपास के इलाकों में घूमकर कॉपर केबल और दूसरी तांबे की सामग्री की रेकी करते थे। जगह और समय तय होने के बाद चोरी की वारदात को अंजाम दिया जाता था।

चोरी का माल पहुंचता था रिसीवरों तक

RPF के मुताबिक, गिरोह में सिर्फ रेलवे सामग्री चोरी करने वाले लोग ही नहीं, बल्कि चोरी का माल खरीदने वाले रिसीवर भी शामिल थे। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि चोरी की रेलवे सामग्री को दिल्ली के चांदनी चौक की कबाड़ मंडी में खपाया जाता था। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हुए हैं।

ट्रेन से भागते दो आरोपी उमरिया में दबोचे गए

रेलवे संपत्ति की चोरी रोकने के लिए प्रभावित रेलखंडों में निगरानी और पेट्रोलिंग बढ़ाई गई थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर RPF टीम ने कार्रवाई की। दो आरोपियों को उमरिया में ट्रेन से भागने के दौरान पकड़ लिया गया, जबकि एक अन्य आरोपी को गाजियाबाद स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद गिरोह के दूसरे सदस्यों तक पहुंचने में RPF को मदद मिली।

कॉपर केबल और 4 स्कूटर समेत सामान बरामद

गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की कॉपर केबल और रेलवे की अन्य तांबे की सामग्री बरामद की गई है। इसके अलावा रेकी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले चार स्कूटर भी जब्त किए गए हैं। RPF अब गिरोह के पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है और चोरी का माल खरीदने वाले रिसीवरों की भूमिका के साथ-साथ अन्य संभावित आरोपियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।


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