H-1B VisaH-1B Visa
Share This Article

वाशिंगटन, 20 सितंबर 2026। H-1B Visa : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीजा से जुड़े 1 लाख डॉलर के भुगतान नियम को एक साल और बढ़ा दिया है। नई घोषणा के मुताबिक, अमेरिका से बाहर मौजूद कुछ विदेशी कुशल कर्मचारियों के लिए H-1B याचिका दाखिल करने वाले नियोक्ताओं को 1 लाख डॉलर का भुगतान करना होगा। यह व्यवस्था 21 सितंबर 2027 तक जारी रहेगी। हालांकि, राष्ट्रीय हित में कुछ मामलों को इस प्रतिबंध से छूट देने का अधिकार अमेरिकी प्रशासन के पास रहेगा।

21 सितंबर 2027 तक जारी रहेगा 1 लाख डॉलर का नियम

व्हाइट हाउस के मुताबिक, यह भुगतान व्यवस्था पहली बार सितंबर 2025 में लागू की गई थी। नए आदेश के तहत इसे अगले 12 महीनों के लिए बढ़ाया गया है। मौजूदा प्रावधान मुख्य रूप से उन H-1B कर्मचारियों पर लागू होता है जो अमेरिका से बाहर हैं और नई H-1B याचिका के आधार पर अमेरिका में प्रवेश करना चाहते हैं। राष्ट्रीय हित के आधार पर किसी व्यक्ति, कंपनी या पूरे उद्योग को छूट देने का प्रावधान भी रखा गया है।

बड़े IT आउटसोर्सिंग फर्मों के पंजीकरण में 92% गिरावट

अमेरिकी प्रशासन ने इस नीति के प्रभाव को दिखाते हुए बताया है कि बड़े IT स्टाफिंग और आउटसोर्सिंग फर्मों के संयुक्त H-1B पंजीकरण 24,946 से घटकर 2,055 रह गए हैं। व्हाइट हाउस के अनुसार, यह करीब 92 प्रतिशत की कमी है। प्रशासन का दावा है कि इस बदलाव के साथ H-1B चयन में अधिक कुशल और अधिक वेतन वाली नौकरियों की ओर बदलाव देखने को मिला है।

व्हाइट हाउस के आंकड़ों के मुताबिक, FY2026 में H-1B पंजीकरण में अमेरिकी मास्टर डिग्री या उससे अधिक योग्यता वाले उम्मीदवारों की हिस्सेदारी 45.1 प्रतिशत थी, जो FY2027 में बढ़कर 66.1 प्रतिशत हो गई। हालांकि, ये आंकड़े अमेरिकी प्रशासन द्वारा नीति के प्रभाव के आकलन के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं।

अब अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी वाले नियोक्ताओं की होगी ज्यादा जांच

नए आदेश में H-1B आवेदनों की जांच को भी कड़ा करने का निर्देश दिया गया है। विदेश विभाग, श्रम विभाग और गृह सुरक्षा विभाग को ऐसे नियोक्ताओं के आवेदनों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है, जिन्होंने पिछले एक साल में समान पदों पर अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी की है या भविष्य में ऐसी छंटनी की योजना बनाई है। श्रम विभाग को पहले जमा किए गए Labor Condition Applications के आंकड़ों की समीक्षा भी शुरू करने को कहा गया है, ताकि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में आगे की कार्रवाई की जा सके।

भारतीय IT प्रोफेशनल्स पर भी पड़ेगा असर

H-1B कार्यक्रम अमेरिकी कंपनियों को विशेष कौशल वाले विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने की अनुमति देता है और भारतीय पेशेवर लंबे समय से इस कार्यक्रम का बड़ा हिस्सा रहे हैं। ऐसे में नई फीस और अतिरिक्त जांच का असर अमेरिका जाने वाले भारतीय IT प्रोफेशनल्स और विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति करने वाली कंपनियों पर पड़ सकता है। Reuters के अनुसार, मौजूदा H-1B धारक और अमेरिका में पहले से मौजूद विदेशी ग्रेजुएट इस नई फीस के दायरे में नहीं आते।

कोर्ट में चुनौती के बीच बढ़ाई गई अवधि

1 लाख डॉलर की फीस को लेकर अमेरिकी अदालतों में कानूनी लड़ाई भी चल रही है। जून 2026 में मैसाचुसेट्स की एक संघीय अदालत ने फीस को गैरकानूनी बताया था, जबकि दूसरे संघीय मामले में इसके पक्ष में फैसला आया था। बाद की अपीलीय कार्यवाही के कारण इस व्यवस्था की कानूनी स्थिति अभी पूरी तरह अंतिम नहीं हुई है। इसके बावजूद ट्रंप प्रशासन ने प्रतिबंध को सितंबर 2027 तक बढ़ाने का फैसला किया है।


Share This Article