Share This Article रायपुर, 28 सितंबर 2026 / ETrendingIndia / सारंगढ़ तहसील के ग्राम योहिनापाली के पशुपालक नीलाम्बर पटेल के लिए पशुपालन अब सिर्फ आजीविका का साधन नहीं, बल्कि परिवार की आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता का आधार बन गया है। राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम (NAIP) और पशुपालन विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन से पशुधन की नस्ल सुधार के बाद उनके दूध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 6 देशी गायों से हुई थी शुरुआत कुछ वर्ष पहले नीलाम्बर के पास 6 देशी नस्ल की गायें थीं, जिनसे प्रतिदिन करीब 10 से 15 लीटर दूध मिलता था। सीमित आय के कारण परिवार की जरूरतें पूरी करने, बच्चों की पढ़ाई और खेती में निवेश करना चुनौतीपूर्ण था। इसके बाद उन्होंने पशुपालन विभाग की सलाह से राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम के तहत गायों में कृत्रिम गर्भाधान कराया। अब रोज 60-65 लीटर दूध का उत्पादन नस्ल सुधार का असर अब उनके पशुधन में साफ दिखाई दे रहा है। वर्तमान में उनके पास 2 एचएफ क्रॉसब्रीड और 4 जर्सी क्रॉसब्रीड दुधारू गायें हैं। इसी प्रक्रिया से जन्मी एक जर्सी क्रॉसब्रीड बछिया भी उनके डेयरी व्यवसाय के भविष्य की उम्मीद बनी हुई है। उन्नत नस्ल की गायों से अब प्रतिदिन करीब 60 से 65 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। नीलाम्बर दूध को स्थानीय निजी होटलों और ग्राहकों को 50 रुपए प्रति लीटर की दर से बेचते हैं। इससे उन्हें प्रतिदिन लगभग 2,400 से 2,600 रुपए, जबकि महीने में करीब 72,000 से 78,000 रुपए की आय हो रही है। वार्षिक आय लगभग 8.76 लाख से 9.36 लाख रुपए तक पहुंच गई है। पशु स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यानपशुपालन विभाग की ओर से पशुओं का टीकाकरण, कृमिनाशन, जूं नियंत्रण, स्वास्थ्य परीक्षण और रोग नियंत्रण के लिए तकनीकी मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इससे पशुओं के स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादन को बनाए रखने में मदद मिल रही है।गोबर से जैविक खाद, खेती का खर्च भी घटा नीलाम्बर ने पशुपालन को खेती से जोड़कर आय का एक बेहतर मॉडल भी तैयार किया है। वे पशुओं से प्राप्त गोबर से जैविक खाद तैयार कर खेतों में उपयोग करते हैं। इससे रासायनिक उर्वरकों पर होने वाला खर्च कम हुआ है और खेत की मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी मदद मिल रही है।नीलाम्बर का कहना है कि सही तकनीक, शासकीय मार्गदर्शन और निरंतर मेहनत से पशुपालन ग्रामीण परिवारों के लिए स्थायी आय और आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बन सकता है। उनकी सफलता अब क्षेत्र के अन्य पशुपालकों के लिए भी प्रेरणा बन रही है। Share This Article Post navigation IGKV में यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव-2026 का शुभारंभ : राज्यपाल ने कहा – युवा को अपने विचारों और नवाचार को उद्यम में बदलने का साहस रखे राष्ट्रपति को बस्तर दशहरा का आमंत्रण …केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल व सांसद महेश कश्यप ने की मुलाकात