Share This Article बन कर रेल आओ मिलकर खेलें खेल ।छुक छुक गाड़ीबन कर रेल ।। कोई टी टी बन कर आओ ।पेसेंजर को राह बताओ बिना टिकिट जिसको भी पाओ।भरपूर दण्ड उसे दिलवाओ ।। जानों यही नियम है भाई ।टी टी से मत करो लड़ाई ।। कभी किसी सेकुछ ना लेना ।गैरों को भीकुछ ना देना।। चोरों से बचकरहै रहना ।बात सभीबच्चों से कहना।। ख़तम हुआ हैआज का खेल ।खड़ी हो गई अपनी रेल ।। उतरो भाई घर चलना है। घर जा कर पढ़ना -लिखना है ।। रायपुर, 10 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / शैलेन्द्र गुप्ता नर्मदा नगर, बिलासपुर श्री शैलेन्द्र गुप्ता,सहायक लेखाधिकारी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति उपरांत कृषि कार्य और साहित्य सेवा में रत है. प्रकाशन–1 छंद शाला में श्री राम साझा संकलन, 2 छंद शाला उपवन में चौपाइयां साझा संकलन 3 छंद शाला में दोहा गीत साझा संकलन के साथ छत्तीसगढ़ी काव्य संग्रह( कहाँ,गावं गय गाँव, बचपन,बड़ा सुहाना (बाल कविता), होगी पूरी साधना (मनहरण घनाक्षरी) . हिंदी साहित्य भारती छत्तीसगढ़ प्रदेश मंत्री , कोषा अध्यक्ष छन्दशाला बिलासपुर है .निवास H1/94 नर्मदा नगर बिलासपुर है. Share This Article Post navigation Tribal Heritage : लोककथाओं में छिपे इतिहास पर मंथन…! रायपुर सम्मेलन में जुटे देशभर के विद्वान…संरक्षण पर बनी सहमति तमिल कवि आर. वैरामुथु को मिला 60वां ज्ञानपीठ पुरस्कार…देश के सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान से सम्मानित