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रायपुर, 9 जून 2026/ ETrendingIndia / Wings to Talent: Barse Roshan, Son of a Tribal Farmer from Remote Sukma District, Secures AIR 634 in JEE Advanced, Earns Admission to IIT , छत्तीसगढ़ के सुदूरवर्ती वनांचल सुकमा जिले के होनहार आदिवासी छात्र बारसे रोशन ने JEE एडवांस्ड परीक्षा में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। पहले ही प्रयास में कैटेगरी रैंक 634 लाकर और अपनी लगन से IIT (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) तक का सफर तय कर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अंचल का नाम रोशन किया.

   विपरीत परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बीच रहने वाले एक साधारण किसान के बेटे ने साबित कर दिया है कि अगर हौसलों में उड़ान हो, तो कोई भी लक्ष्य नामुमकिन नहीं है। 

आदिवासी छात्र बारसे रोशन ने देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE एडवांस 2026 में कैटेगरी रैंक 634 हासिल कर पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश का नाम रोशन किया है।

जिला प्रशासन ने किया सम्मान

          इस ऐतिहासिक सफलता पर छात्र का उत्साहवर्धन करने के लिए खुद कलेक्टर और जिला प्रशासन आगे आया है। तुंगल डैम में आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम में कलेक्टर श्री अमित कुमार ने छात्र बारसे रोशन को शाल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।

पढ़ाई के आड़े नहीं आएगा पैसा

        कलेक्टर श्री अमित कुमार ने इस मौके पर एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि रोशन की पढ़ाई की राह में पैसे कभी रोड़ा नहीं बनेंगे। जिला प्रशासन बारसे रोशन की उच्च शिक्षा की पूरी फीस का वहन करेगा, ताकि वह बिना किसी आर्थिक चिंता के देश के शीर्ष संस्थान (IIT) में अपनी पढ़ाई पूरी कर सके।

क्षितिज कोचिंग इंस्टीट्यूट बन रहा है बच्चों का सारथी

       बारसे रोशन की यह बड़ी सफलता किसी जादू का परिणाम नहीं, बल्कि जिला प्रशासन की सोची-समझी दूरदर्शिता का नतीजा है। जिले के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए कलेक्टर श्री अमित कुमार और मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्री मुकुन्द ठाकुर के सीधे निर्देशन में क्षितिज कोचिंग इंस्टीट्यूट का संचालन किया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी श्री जी.आर. मंडावी के मार्गदर्शन और नोडल अधिकारी श्री आशीष राम के सतत पर्यवेक्षण में यह संस्थान सुकमा के आदिवासी और ग्रामीण बच्चों को IIT और मेडिकल जैसी कठिन परीक्षाओं के लिए निशुल्क तैयार कर रहा है।

पर्दे के पीछे के नायक, जिन्होंने बदली तकदीर

       इस बड़ी सफलता के पीछे जमीनी स्तर पर काम कर रही टीम की कड़ी मेहनत छिपी है। प्रबंधन की कमान संभाल रहे संस्थान के मैनेजर श्री सूरज सिंह ने दिन-रात मेहनत कर सुकमा में एक ऐसा अनुशासित और प्रतिस्पर्धात्मक शैक्षणिक माहौल तैयार किया है, जो आमतौर पर सिर्फ बड़े महानगरों में देखने को मिलता है।

क्षितिज संस्थान और कैम्प एकेडमी रायपुर के शिक्षक सुश्री निधि चौहान, अभिषेक नाग, रजनीश पटेल और सोनम सिंह ने बच्चों को न सिर्फ किताबी ज्ञान दिया, बल्कि परीक्षा की सटीक रणनीति और हर मोड़ पर मोटिवेशन देकर इस कठिन परीक्षा के लिए तैयार किया।

माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू

      बारसे रोशन के माता-पिता दिन-रात खेतों में पसीना बहाकर परिवार का पेट पालते हैं। जब कलेक्टर ने खुद रोशन को सम्मानित किया और भविष्य की पूरी जिम्मेदारी ली, तो माता-पिता की आंखें गर्व और खुशी से छलक उठीं। 

रोशन और सुनील कुमार की यह सफलता आज सुकमा के हर उस बच्चे के लिए प्रेरणा बन चुकी है, जो अपनी गरीबी या पिछड़ेपन की वजह से बड़े सपने देखने से डरता था।

     जिला प्रशासन के इस संवेदनशील और दूरदर्शी कदम की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।

कलेक्टर, सीईओ और उनकी पूरी टीम ने छात्रों को बधाई देते हुए उम्मीद जताई है कि आने वाले सालों में सुकमा से ऐसे कई और सितारे निकलेंगे जो देश-दुनिया में जिले का नाम चमकाएंगे।