रायपुर, 06 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / Bank Sakhis of Bastar: Banking services are reaching doorstep to doorstep, the amount of government schemes is reaching thousands of beneficiaries on time. बस्तर जिले के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में बैंक सखियां ग्रामीणों के लिए भरोसेमंद बैंक मित्र बनकर उभरी हैं।
उनकी सक्रिय सेवाओं से अब ग्रामीणों को बैंकिंग कार्यों के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती।
गांव में ही बैंक सखियों के कारण बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध होने से जहां समय और धन की बचत हो रही है, वहीं शासकीय योजनाओं की राशि भी हितग्राहियों तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंच रही है।
बस्तर जिले में 141 माइक्रो ATM भुगतान
बस्तर जिले में वर्तमान में 141 बैंक सखियां माइक्रो एटीएम एवं आधार आधारित भुगतान प्रणाली (एईपीएस) के माध्यम से नकद निकासी, नकद जमा, बैलेंस जांच, धन अंतरण सहित विभिन्न बैंकिंग सेवाएं ग्रामीणों तक पहुंचा रही हैं।
गाँव गाँव तक पहुँचा – डिजिटल वित्तीय लेन-देन
इसके साथ ही वे ग्रामीणों को डिजिटल भुगतान, सुरक्षित बैंकिंग और वित्तीय साक्षरता के प्रति भी जागरूक कर रही हैं, जिससे गांवों में डिजिटल वित्तीय लेन-देन को लगातार बढ़ावा मिल रहा है।
जून माह के दौरान बैंक सखियों ने विभिन्न शासकीय योजनाओं के हजारों हितग्राहियों को घर के पास ही बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराईं।

पेंशन योजनाओं के 3,166 हितग्राहियों को 28 लाख 67 हजार 565 रुपए, महतारी वंदन योजना के 4,097 हितग्राहियों को 38 लाख 82 हजार 470 रुपए, स्वयं सहायता समूहों के 22,367 हितग्राहियों को 2 करोड़ 31 लाख 87 हजार रुपए से अधिक, वीबी-जी रामजी (मनरेगा) के तहत 2,103 हितग्राहियों को 15 लाख 46 हजार 179 रुपए तथा अन्य 12,026 वित्तीय लेन-देन के माध्यम से 1 करोड़ 44 लाख 78 हजार रुपए से अधिक की राशि का सफलतापूर्वक भुगतान किया गया।
सर्वाधिक लाभ बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगजनों तथा दूरस्थ ग्रामों के ग्रामीणों को मिला
बैंक सखियों की सेवाओं का सबसे अधिक लाभ बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगजनों तथा दूरस्थ ग्रामों में रहने वाले ग्रामीणों को मिल रहा है। अब उन्हें बैंक शाखाओं तक पहुंचने में समय और अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ता। घर के निकट ही सम्मानपूर्वक बैंकिंग सेवाएं मिलने से उनकी दैनिक जिंदगी अधिक सरल और सुविधाजनक हुई है।
इसके साथ ही बैंक सखियां स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, छोटे व्यापारियों और ग्रामीण परिवारों को नियमित बचत, बैंक खातों के उपयोग तथा डिजिटल भुगतान के लिए प्रेरित कर रही हैं।
इससे ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय अनुशासन मजबूत हो रहा है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।
गांव और बैंक के बीच मजबूत सेतु
बैंक सखियां गांव और बैंक के बीच मजबूत सेतु बनकर न केवल अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचा रही हैं, बल्कि ग्रामीणों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर, डिजिटल रूप से सशक्त और समावेशी विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
