रायपुर, 06 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / “Seed drill technology: Changed the fortune of farmer Bhupesh, low cost, higher production, and better income”. हितैषी योजनाओं और आधुनिक कृषि तकनीक से किसानों के जीवन में स्पष्ट परिवर्तन आ रहा है, वे अब कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं।
बालोद जिले के ग्राम सोंहपुर के किसान श्री भूपेश कुमार साहू इसकी एक प्रेरक मिसाल हैं।
श्री भूपेश पहले पारंपरिक छिड़काव पद्धति से धान की बुवाई करते थे, जिसमें बीज, श्रम और लागत अधिक लगती थी। चार वर्ष पूर्व उन्होंने कृषि विभाग के मार्गदर्शन में सीड ड्रिल मशीन से बुवाई शुरू की। इस तकनीक को अपनाने के बाद खेती की लागत में उल्लेखनीय कमी आई है। कम मात्रा में बीज की आवश्यकता, रोपाई में लगने वाली मजदूरी की बचत तथा कतारबद्ध बुवाई के कारण फसल को पर्याप्त पोषण मिलने से उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि हुई है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत उन्हें प्रतिवर्ष छह हजार रुपये की वित्तीय सहायता मिल रही है।
कृषक उन्नति योजना के माध्यम से धान के लिए 3,100 रुपये प्रति क्विंटल का लाभकारी मूल्य प्राप्त होने से उनकी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा समय-समय पर खेतों का निरीक्षण कर उन्नत खेती, कीट एवं रोग प्रबंधन तथा आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी भी दी जाती है, जिससे खेती और अधिक लाभकारी बन रही है।
श्री भूपेश बताते हैं कि सीड ड्रिल तकनीक अपनाने तथा शासकीय योजनाओं का लाभ मिलने के बाद खेती लाभ का माध्यम बन गई है।
