बिजनेस रिपोर्टर, 05 जून 2026/ Capital Gains Tax: Government’s masterstroke to boost foreign investment…! Major announcement regarding Capital Gains Tax… Exemption to take effect from April 1… Government introduces new ordinance… See details here.
Capital Gains Tax : विदेशी निवेशकों (FIIs) के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने बॉन्ड निवेश पर Capital Gains Tax में छूट देने के लिए अध्यादेश जारी कर दिया है। यह नई व्यवस्था 1 अप्रैल से लागू मानी जाएगी, जिससे विदेशी निवेशकों को भारतीय बॉन्ड मार्केट में निवेश करने के लिए बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
सरकार के इस कदम को भारतीय बॉन्ड बाजार में विदेशी निवेश बढ़ाने और वैश्विक निवेशकों का भरोसा मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। वित्तीय विशेषज्ञों के मुताबिक, इस फैसले से भारत में विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ सकता है और बॉन्ड मार्केट को मजबूती मिलेगी।
क्या है नया फैसला?
जारी अध्यादेश के तहत योग्य विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) को कुछ विशेष बॉन्ड निवेश पर Capital Gains Tax से राहत दी जाएगी। इसका मतलब है कि ऐसे निवेशकों को बॉन्ड से होने वाले पूंजीगत लाभ पर टैक्स नहीं देना होगा या उन्हें विशेष छूट मिलेगी।
कब से लागू होगी छूट?
सरकार ने साफ किया है कि यह टैक्स राहत 1 अप्रैल से प्रभावी मानी जाएगी। यानी निवेशकों को पिछली तारीख से इसका फायदा मिलेगा।
क्यों अहम है यह फैसला?
विशेषज्ञों का मानना है कि-
भारत के बॉन्ड मार्केट में विदेशी निवेश बढ़ेगा।
रुपया और वित्तीय बाजार को मजबूती मिल सकती है।
सरकार की उधारी लागत कम हो सकती है।
वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।
बाजार पर क्या होगा असर?
इस फैसले के बाद बॉन्ड मार्केट में सकारात्मक माहौल देखने को मिल सकता है। निवेशकों को उम्मीद है कि विदेशी निवेश बढ़ने से भारतीय डेट मार्केट में लिक्विडिटी बेहतर होगी।
सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है जब वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए यह फैसला अहम माना जा रहा है।
क्या है नया प्रावधान?
अध्यादेश के जरिए आयकर अधिनियम, 2025 की अनुसूची-IV में दो नई प्रविष्टियां जोड़ी गई हैं। इनके तहत विदेशी संस्थागत निवेशकों और Bank for International Settlements को सरकारी प्रतिभूतियों पर मिलने वाले ब्याज और उनके हस्तांतरण, बिक्री या एक्सचेंज से होने वाले कैपिटल गेन को आयकर से छूट दी गई है। इसके साथ ही सरकार ने यह भी साफ किया है कि यह छूट निर्धारित प्रारूप और प्रक्रिया के तहत आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने की शर्त पर मिलेगी।
BIS को भी मिला फायदा
अध्यादेश में केवल विदेशी संस्थागत निवेशकों को ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय समझौतों के लिए बैंक (BIS) को भी समान कर छूट दी गई है। BIS दुनिया के प्रमुख केंद्रीय बैंकों के लिए एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान माना जाता है और इसका मुख्यालय स्विट्जरलैंड के बेसल में स्थित है। BIS को दी गई यह छूट भारत के सरकारी बॉन्ड बाजार को वैश्विक संस्थागत निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बनाने की दिशा में अहम कदम है।
सरकारी बॉन्ड बाजार पर क्या होगा असर?
हाल के वर्षों में भारत ने वैश्विक बॉन्ड इंडेक्स में शामिल होने और विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए कई सुधार किए हैं। अब कर छूट मिलने से विदेशी निवेशकों का वास्तविक रिटर्न बढ़ेगा, जिससे भारतीय सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश का आकर्षण और बढ़ सकता है। इससे सरकारी उधारी लागत कम रखने में मदद मिल सकती है। साथ ही बॉन्ड बाजार में तरलता बढ़ने और विदेशी निवेश प्रवाह मजबूत होने की संभावना है।
परिभाषाएं भी हुईं तय
अध्यादेश में कहा गया है कि Foreign Institutional Investor की परिभाषा आयकर अधिनियम की धारा 210(6)(a) के अनुसार होगी, जबकि Government Security का अर्थ Government Securities Act, 2006 में दी गई परिभाषा के अनुरूप होगा।
संसद सत्र से पहले अध्यादेश क्यों?
चूंकि संसद सत्र में नहीं थी, इसलिए संविधान के अनुच्छेद 123 के तहत राष्ट्रपति ने अध्यादेश जारी किया। सरकार ने माना कि तत्काल कार्रवाई जरूरी है और इसी वजह से इस कर राहत को अध्यादेश के माध्यम से लागू किया गया।
क्या है इसका बड़ा संदेश?
यह कदम ऐसे समय आया है जब सरकार भारतीय डेट मार्केट को वैश्विक निवेशकों के लिए अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना चाहती है। ब्याज आय और कैपिटल गेन दोनों पर कर छूट देकर सरकार ने साफ संकेत दिया है कि वह विदेशी पूंजी को आकर्षित करने और बॉन्ड बाजार को गहरा बनाने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रही है।
यहां आपको बता दें कि इस अध्यादेश को ‘आयकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026’ कहा जाएगा। यह अध्यादेश भारत सरकार द्वारा 5 जून 2026 को जारी किया गया, जिसका उद्देश्य विदेशी निवेशकों (FIIs) को बॉन्ड निवेश पर Capital Gains Tax में राहत प्रदान करना है।

