CG High Court: Ties with the maternal home remain unbroken even after marriage! Married daughter also entitled to compassionate appointment—High Court's landmark verdict.
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बिलासपुर, 06 अगस्त 2026/ CG High Court : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति को लेकर एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि शादी के बाद बेटी का अपने मायके से संबंध समाप्त नहीं हो जाता। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल विवाहित होने के आधार पर बेटी या बहन को अनुकंपा नियुक्ति के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।

शासन का आदेश निरस्त

हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने उस पुराने शासकीय आदेश को निरस्त कर दिया, जिसके आधार पर एक विवाहित बेटी को अनुकंपा नियुक्ति से वंचित किया गया था। अदालत ने संबंधित प्रकरण पर नए सिरे से विचार कर चार सप्ताह के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।

विवाहित बेटी और बहन भी हकदार

अदालत ने कहा कि यदि मृत सरकारी कर्मचारी का परिवार अनुकंपा नियुक्ति की पात्रता पूरी करता है, तो केवल वैवाहिक स्थिति के आधार पर विवाहित बेटी या बहन को इस अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। विवाह किसी बेटी के पारिवारिक संबंधों या जिम्मेदारियों को समाप्त नहीं करता।

सामाजिक न्याय पर दिया जोर

हाईकोर्ट ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति का उद्देश्य मृत कर्मचारी के आश्रित परिवार को आर्थिक सहारा देना है। इसलिए विवाहित होने को अयोग्यता का आधार नहीं बनाया जा सकता। अदालत ने संबंधित प्राधिकरण को कानून और न्यायालय की टिप्पणी के अनुरूप चार सप्ताह के भीतर नया निर्णय लेने का निर्देश दिया है।