Share This Article रायपुर 27 मई 2026 / ETrendingIndia / छत्तीसगढ़ में बस किराया बढ़ोतरी की मांग तेज छत्तीसगढ़ में डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब सार्वजनिक परिवहन पर दिखने लगा है। बस किराया बढ़ोतरी को लेकर बस ऑपरेटरों ने सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ ने परिवहन मंत्री केदार कश्यप को ज्ञापन सौंपा है। महासंघ का कहना है कि वर्ष 2021 के बाद से किराए में कोई बड़ा संशोधन नहीं हुआ है। जबकि डीजल और संचालन खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। डीजल महंगा, संचालन खर्च भी बढ़ा बस संचालकों के अनुसार सिर्फ डीजल ही नहीं, बल्कि टायर, बीमा और स्पेयर पार्ट्स के दाम भी बढ़ गए हैं। इसके अलावा कर्मचारियों का वेतन और बस बॉडी निर्माण का खर्च भी बढ़ा है। इसी तरह सरकार के नए सुरक्षा नियमों ने भी ऑपरेटरों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला है। उदाहरण के लिए सीट बेल्ट, स्पीड गवर्नर, पैनिक बटन और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य किया गया है। इस कारण बस किराया बढ़ोतरी की मांग अब और तेज हो गई है। 50 प्रतिशत तक किराया बढ़ाने की मांग महासंघ ने सामान्य बसों के किराए में 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की मांग रखी है। वहीं एसी और डीलक्स बसों के किराए में 30 प्रतिशत वृद्धि की मांग की गई है। संगठन का दावा है कि वर्तमान स्थिति में 90 प्रतिशत से ज्यादा बस ऑपरेटर आर्थिक दबाव झेल रहे हैं। इसलिए किराया संशोधन जरूरी हो गया है। यात्रियों की जेब पर पड़ सकता है असर यदि सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो यात्रियों को ज्यादा किराया देना पड़ सकता है। उदाहरण के लिए रायपुर से जगदलपुर का किराया 600 रुपए से बढ़कर 700 से 750 रुपए तक पहुंच सकता है। वहीं रायपुर-दुर्ग रूट पर किराया 50 रुपए से बढ़कर करीब 75 रुपए होने की संभावना जताई जा रही है। Share This Article Post navigation भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा से ठगी, बड़े नेता का PA बनकर साइबर ठग ने ऐंठे 10 हजार रुपए पेंड्रा के कोटमी बाजार में खूनी खेल : सराफा कारोबारी की हत्या के बाद लाखों की लूट की आशंका