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रायपुर, 10 अक्टूबर 2026। ETrendingIndia / छत्तीसगढ़ में सरकारी योजनाओं की निगरानी, मूल्यांकन और विकास कार्यों को प्रभावी बनाने की पहल की नीति आयोग ने सराहना की है।

नीति आयोग के विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (DMEO) की महानिदेशक निधि छिब्बर ने राज्य में निगरानी एवं मूल्यांकन का मजबूत और स्थायी तंत्र विकसित करने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में अंजोर विजन-2047, डेटा आधारित नीति निर्माण और योजनाओं के वास्तविक परिणामों के आकलन पर विशेष जोर दिया गया।

अंजोर विजन-2047 से विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य

गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति में राज्य नीति आयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और उनके परिणामों का आकलन ठोस आंकड़ों के आधार पर करने पर जोर दिया जा रहा है।

IIM रायपुर और IIT भिलाई की मिलेगी विशेषज्ञता

योजना विभाग के सचिव भुवनेश यादव ने बताया कि सरकारी योजनाओं के मूल्यांकन और निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए IIM रायपुर और IIT भिलाई जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की विशेषज्ञता का लाभ लिया जा रहा है।

इससे शोध, आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक तरीकों से योजनाओं के प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।

नौ प्राथमिक क्षेत्रों में अध्ययन, बनेगा अंजोर विजन पोर्टल

राज्य में नौ प्राथमिक क्षेत्रों में त्वरित अध्ययन किए जा रहे हैं। सरकारी योजनाओं के पायलट मूल्यांकन के साथ डेटा आधारित निगरानी व्यवस्था विकसित की जा रही है।

अंजोर विजन-2047 पोर्टल के माध्यम से राज्य के विकास लक्ष्यों की प्रगति की निगरानी और समीक्षा करने की योजना है।

बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण पर विशेष ध्यान

राज्य नीति आयोग यूनिसेफ के सहयोग से बाल कल्याण सूचकांक विकसित कर रहा है। इससे बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और समग्र विकास से जुड़ी सेवाओं के वास्तविक परिणामों का आकलन किया जा सकेगा।

साथ ही, उन जिलों और क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिलेगी, जहां अधिक ध्यान और निवेश की जरूरत है।

जिलों में SDG डैशबोर्ड, परिणाम आधारित बजट पर जोर
सतत विकास लक्ष्यों (SDG) की प्रगति पर नजर रखने के लिए राज्य और जिला स्तर पर निगरानी व्यवस्था विकसित की गई है।

जिलों की प्रगति के आकलन के लिए डैशबोर्ड भी तैयार किया गया है। इसके अलावा, सरकारी बजट का विभिन्न विकास लक्ष्यों पर पड़ने वाले प्रभाव का विश्लेषण कर परिणाम आधारित बजट व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जा रहा है।

नीति आयोग देगा तकनीकी और संस्थागत सहयोग

निधि छिब्बर ने कहा कि योजनाओं की सफलता केवल उनके क्रियान्वयन से नहीं, बल्कि हितग्राहियों तक लाभ पहुंचने और अपेक्षित परिणाम मिलने से तय होती है।

मजबूत निगरानी व्यवस्था से कमियों की समय पर पहचान कर सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे। उन्होंने छत्तीसगढ़ को इस दिशा में DMEO की ओर से तकनीकी और संस्थागत सहयोग देने का भरोसा दिलाया।


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