रायपुर, 06 अगस्त 2026/ Doctors Strike : महाराष्ट्र में डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर सरकारी मेडिकल कॉलेजों और कई सरकारी अस्पतालों में दिखाई देने लगा है।
डॉक्टर होमियोपैथ चिकित्सकों को निर्धारित प्रक्रिया के बाद एलोपैथिक दवाएं लिखने की अनुमति देने के फैसले का विरोध कर रहे हैं। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आपातकालीन सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।
32 मेडिकल कॉलेजों में हड़ताल जारी
महाराष्ट्र डॉक्टर एसोसिएशन के अनुसार राज्य के 32 सरकारी मेडिकल कॉलेजों और मुंबई महानगरपालिका के अस्पतालों में डॉक्टर हड़ताल पर हैं, जिससे ओपीडी और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
किस फैसले का हो रहा विरोध ?
डॉक्टरों का कहना है कि महाराष्ट्र चिकित्सा परिषद द्वारा होमियोपैथ चिकित्सकों को पंजीकरण और छह माह का प्रमाण-पत्र लेने के बाद एलोपैथिक दवाएं लिखने की अनुमति देना मरीजों की सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।
आपातकालीन सेवाएं भी हो सकती हैं प्रभावित
डॉक्टर एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द बातचीत शुरू नहीं करती, तो अगले 24 घंटे में आपातकालीन सेवाएं भी बंद की जा सकती हैं। हालांकि, गंभीर और जीवनरक्षक मामलों में उपचार जारी रखने की बात कही गई है।
डॉक्टरों की प्रमुख मांग
एसोसिएशन ने सरकार से होमियोपैथ चिकित्सकों को एलोपैथ डॉक्टर के रूप में पंजीकरण देने की प्रक्रिया तत्काल स्थगित करने और इस मुद्दे पर विशेषज्ञों से चर्चा करने की मांग की है।
