रायपुर,15 मई 2026/ ETrendingIndia / Passengers battling at sea for 5 hours after plane crash, then miracle happened and 11 people survived / फ्लोरिडा प्लेन क्रैश , अमेरिका के फ्लोरिडा तट के पास समुद्र में हुए एक विमान हादसे में 11 लोगों की जान बाल-बाल बच गई।
विमान के समुद्र में गिरने के बाद सभी लोग करीब 5 घंटे तक एक लाइफ राफ्ट पर फंसे रहे। उनके पास मदद के लिए किसी से संपर्क करने का कोई साधन नहीं था और उन्हें यह भी नहीं पता था कि कोई उन्हें बचाने आएगा भी या नहीं।
इस दौरान तेज तूफान आने की आशंका के बीच सभी लोग एक तिरपाल के नीचे बैठकर खुद को बचाने की कोशिश करते रहे। बाद में अमेरिकी सेना और बचाव दल के हेलीकॉप्टर वहां पहुंचे और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, हादसे का शिकार हुआ विमान बीचक्राफ्ट 300 किंग एयर टर्बोप्रॉप था। यह विमान बहामास के ग्रेट अबाको द्वीप स्थित मार्श हार्बर से फ्रीपोर्ट के ग्रैंड बहामा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जा रहा था।
मंगलवार को उड़ान के दौरान विमान का इंजन खराब हो गया, जिसके बाद पायलट ने फ्लोरिडा के वेरो बीच से करीब 80 किलोमीटर दूर समुद्र में इमरजेंसी लैंडिंग यानी डिचिंग की। पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान में मौजूद 10 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला और सभी को पीले रंग की लाइफ राफ्ट पर पहुंचाया। गनीमत रही कि हादसे में 3 लोगों को सिर्फ मामूली चोटें आईं।
रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल एयर फोर्स कैप्टन रोरी व्हिपल ने बताया, उन्हें देखकर साफ लग रहा था कि वे शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से बेहद परेशान थे।
कल्पना कीजिए कि समुद्र के बीच फंसे लोगों को यह भी नहीं पता था कि कोई उन्हें बचाने आएगा या नहीं।
एयर फोर्स रिजर्व की मेजर एलिजाबेथ पिओवाटी ने पायलट की तारीफ करते हुए कहा कि समुद्र की ऊंची लहरों के बीच विमान को नियंत्रित तरीके से उतारना बेहद कठिन होता है।
उन्होंने कहा, मैंने पहले कभी किसी को समुद्र में विमान गिरने के बाद बचते नहीं देखा। इतने लोगों का सुरक्षित बच जाना किसी चमत्कार से कम नहीं है।
विमान का इमरजेंसी बीकन सक्रिय होने के बाद अमेरिकी कोस्ट गार्ड को हादसे की जानकारी मिली। उस समय एयर फोर्स रिजर्व की 920वीं रेस्क्यू विंग की एक टीम पहले से ट्रेनिंग मिशन पर उड़ान भर रही थी। उसी टीम को तुरंत बचाव कार्य के लिए भेजा गया।
मेजर पिओवाटी ने बताया कि बचाव दल ने पहले पीडि़तों का पता लगाया और फिर विमान से 2 अतिरिक्त लाइफ राफ्ट, खाने और पानी वाला सर्वाइवल किट नीचे गिराया। इसके बाद हेलीकॉप्टर टीम ने 3 से 5 फीट ऊंची लहरों के बीच सभी लोगों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला।
मेजर पिओवाटी ने बताया कि आखिरी व्यक्ति को हेलीकॉप्टर में चढ़ाने के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर को फ्यूल भरवाने के लिए लौटना पड़ता, इसलिए समय पर पूरा ऑपरेशन होना बेहद अहम था।
इस दुर्घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बचाव दल को समुद्र में विमान का कोई मलबा नहीं मिला।
सभी 11 लोगों को सुरक्षित निकालकर मेलबर्न ऑरलैंडो इंटरनेशनल एयरपोर्ट लाया गया, जहां पहले से मौजूद मेडिकल टीम ने उनका इलाज किया और अब सभी की हालत स्थिर है। अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है।
