रायपुर / ETrendingIndia / भारतीय रेलवे आधुनिकीकरण योजना से नई दिशा में कदम
भारत के रेल इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारतीय रेलवे आधुनिकीकरण योजना के तहत 35,000 किलोमीटर नए ट्रैक बिछाए गए हैं और 46,000 किलोमीटर मार्ग का विद्युतीकरण पूरा किया गया है। इस दौरान करीब 40,000 नए कोच बनाए गए, जिससे यात्री सेवाओं में सुरक्षा और दक्षता बढ़ी है।
11 वर्षों में रेलवे का ऐतिहासिक कायाकल्प
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इंटरनेशनल रेलवे इक्विपमेंट एग्ज़ीबिशन (IREE 2025) में कहा कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे ने ऐतिहासिक प्रगति की है।
उन्होंने बताया कि भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना में 325 किलोमीटर ट्रैक का निर्माण पूरा हो चुका है। सुरत से बिलीमोरा तक का पहला सेक्शन वर्ष 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है।
वंदे भारत 4.0 और कवच 5.0 से मिलेगी नई रफ्तार
रेल मंत्री ने कहा कि जल्द ही वंदे भारत 4.0 ट्रेन लॉन्च की जाएगी, जो वैश्विक मानकों से भी बेहतर तकनीक और आराम प्रदान करेगी। इसमें उन्नत सीटिंग, बेहतर कोच डिजाइन और अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी।
वर्तमान में चल रही वंदे भारत 3.0 ट्रेन 0 से 100 किमी/घंटा की गति 52 सेकंड में पकड़ती है, जबकि नई पीढ़ी की ट्रेन इससे भी तेज होगी।
साथ ही, सुरक्षा बढ़ाने के लिए कवच 4.0 सिस्टम को बड़े पैमाने पर लागू किया जा रहा है, और कवच 5.0 विकासाधीन है, जो 350 किमी/घंटा की रफ्तार वाली ट्रेनों के लिए होगा।
अमृत भारत और हाइड्रोजन ट्रेनें भी योजना में शामिल
रेलवे अब अमृत भारत 4.0 ट्रेनों पर भी काम कर रहा है, जिसमें पुश-पुल तकनीक और नए कोच डिजाइन शामिल होंगे।
इसके साथ ही 2400 हॉर्सपावर की देशी हाइड्रोजन ट्रेन भी विकसित की जा चुकी है, जो भारत की हरित ऊर्जा यात्रा में एक ऐतिहासिक कदम है।
2047 तक 7,000 किमी नए पैसेंजर कॉरिडोर का लक्ष्य
सरकार ने वर्ष 2047 तक 7,000 किलोमीटर समर्पित पैसेंजर कॉरिडोर बनाने का लक्ष्य तय किया है। इससे न केवल गति और विश्वसनीयता बढ़ेगी, बल्कि देश की बढ़ती जनसंख्या को बेहतर यात्रा सुविधा मिलेगी।
वैष्णव ने कहा, “अब समय है कि भारत अपनी यात्री क्षमता बढ़ाने के लिए समर्पित कॉरिडोर बनाए और विश्वस्तरीय रेल प्रणाली तैयार करे।”
गुणवत्ता और सुरक्षा पर जोर
रेल मंत्री ने कहा कि सभी आपूर्तिकर्ताओं को उच्चतम मानकों का पालन करना होगा, अन्यथा काली सूची में डाला जाएगा। उन्होंने कहा, “आधुनिक भारत की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए रेलवे को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ तकनीक अपनानी होगी।”
निष्कर्ष — भारत बनेगा वैश्विक रेल तकनीक का नेता
भारतीय रेलवे आधुनिकीकरण योजना के अंतर्गत बुनियादी ढांचे, सुरक्षा, स्थायित्व और तकनीकी सुधार के क्षेत्र में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है।
कुल मिलाकर, यह परिवर्तन न केवल घरेलू यात्रा अनुभव को बेहतर बनाएगा बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर रेल तकनीक का अगुवा बनाएगा।
