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रायपुर 17 मई 2026/ ETrendingIndia / Jagdalpur: Two arrested with tramadol capsules worth lakhs / जगदलपुर ट्रामाडोल कैप्सूल गिरफ्तारी , युवाओं को नशे की दलदल में धकेलने वाले कारोबारियों पर बस्तर पुलिस ने ऐसा शिकंजा कसा कि शंकर मंदिर के पास ग्राहक तलाश रहे दो तस्कर लाखों रुपये की प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल के साथ रंगे हाथों धर लिए गए।

जगदलपुर के बोधघाट थाना क्षेत्र में हुई इस बड़ी कार्रवाई ने नशे के अवैध कारोबार में लगे तत्वों में हड़कंप मचा दिया है।

पुलिस ने आरोपी करण यादव पिता लोकेश यादव उम्र 27 वर्ष निवासी गंगामुंडा जगदलपुर और राहुल दास पिता किस्टो दास उम्र 28 वर्ष निवासी शांति नगर फ्रेजरपुर जगदलपुर को गिरफ्तार किया है।

आरोपियों के कब्जे से प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल Pyeevon Spas Plus Tramadol HCL के कुल 55 पत्ते यानी 440 नग बरामद किए गए हैं, जिनकी कीमत करीब 1 लाख 76 हजार रुपये बताई गई है।

पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के नेतृत्व में जिलेभर में नशे के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 16 मई 2026 की रात थाना बोधघाट पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि मेटगुडा डोंगरी स्थित शंकर मंदिर के पास दो युवक कैरी बैग में अवैध नशीली कैप्सूल रखकर ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं।

सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी टामेश्वर चौहान ने विशेष टीम गठित कर मौके पर दबिश दी। पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को पकड़ा और जब उनके बैग की तलाशी ली गई तो उसमें भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल बरामद हुई।

पूछताछ में आरोपी किसी प्रकार के वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(C) के तहत मामला दर्ज कर मादक पदार्थ जब्त कर लिया और दोनों आरोपियों को 17 मई 2026 को गिरफ्तार कर विशेष एनडीपीएस न्यायालय जगदलपुर में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में निरीक्षक टामेश्वर चौहान, उप निरीक्षक ललित नेगी, लोकेश्वर नाग, सहायक उप निरीक्षक दिनेश उसेंडी, प्रधान आरक्षक अहिलेश नाग, सुनील मनहर सहित थाना स्टाफ की अहम भूमिका रही।

फिलहाल बस्तर पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ संदेश दे दिया है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले नशे के सौदागरों के लिए अब बस्तर में कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है।