Kolkata EVM fire incident
Kolkata EVM fire incident
Share This Article

रायपुर, 13 जून 2026/ ETrendingIndia / “Kolkata EVM fire incident: TMC raises major questions to the Election Commission after 4,000 EVMs are destroyed in a blaze.” अलीपुर में आग लगने से हजारों EVM मशीनें नष्ट

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के अलीपुर क्षेत्र स्थित एक सरकारी भवन में लगी आग के बाद बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने दावा किया है कि इस घटना में करीब 4,000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVM), 4,000 कंट्रोल यूनिट, 4,000 बैलेट यूनिट और 4,000 वीवीपैट मशीनें नष्ट हो गईं।

कोलकाता ईवीएम आगकांड को लेकर पार्टी ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा है और घटना को बेहद गंभीर बताया है। इसके अलावा, प्रभावित मशीनों के कई विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े होने का भी दावा किया गया है।

TMC ने उठाए कई अहम सवाल

TMC ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि चुनाव आयोग हमेशा सवालों से बच नहीं सकता। पार्टी ने आरोप लगाया कि जिन ईवीएम मशीनों से जुड़े मामलों में पहले न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की गई थी और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की बात कही गई थी, वहां इतनी बड़ी घटना कैसे हो गई।

पार्टी ने पूछा कि आखिर यह केवल एक दुर्घटना थी या फिर लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण सबूतों को खत्म करने की कोई सुनियोजित कोशिश। कोलकाता ईवीएम आगकांड को लेकर TMC ने निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग भी की है।

किन क्षेत्रों की मशीनें होने का दावा?

तृणमूल कांग्रेस के अनुसार, आग में नष्ट हुई मशीनें कई विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित थीं। इनमें कसबा, जादवपुर, बेहाला पूर्व, बेहाला पश्चिम, मेटियाब्रुज, सतगाछिया और डायमंड हार्बर उपखंड के अन्य निर्वाचन क्षेत्र शामिल बताए गए हैं।

हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। वहीं घटना के कारणों की जांच भी जारी है।

राजनीतिक माहौल हुआ गर्म

इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद शुरू हो गया है। TMC ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

दूसरी ओर, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कोलकाता ईवीएम आगकांड आने वाले समय में राज्य की राजनीति और चुनावी बहस का बड़ा मुद्दा बन सकता है। इसलिए जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और चुनाव आयोग का आधिकारिक पक्ष बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह घटना तकनीकी कारणों से हुई दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।

अंत में, इस पूरे मामले ने चुनावी प्रक्रिया की सुरक्षा, ईवीएम संरक्षण और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।