रायपुर,28 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कंचनपुर की निवासी प्रेम कुमारी सारथी की, जिन्होंने पारंपरिक पशुपालन से आगे बढ़कर वैज्ञानिक तौर-तरीकों को अपनाया और आज वे एक सफल डेयरी उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं।
प्रेम कुमारी की इस सफलता की नींव रखी पशुपालन विभाग की कृत्रिम गर्भाधान तकनीक ने।
विभागीय डॉक्टरों के मार्गदर्शन में किए गए कृत्रिम गर्भाधान से जो बछिया पैदा हुईं, वे आज उच्च उत्पादक दुधारू गायों का रूप ले चुकी हैं।
वर्तमान में उनके पास एचएफ और जर्सी नस्ल की 5 दुधारू गायें हैं, जो उनकी डेयरी व्यवसाय की रीढ़ बनी हुई हैं।
तकनीक और सही देखभाल का ही परिणाम है कि आज प्रेम कुमारी की डेयरी से प्रतिदिन लगभग 25 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है।
इस दूध को वे बरमकेला स्थित अमृत डेयरी में 40 रुपए प्रति लीटर की दर से आसानी से बेच देती हैं। इससे उन्हें प्रतिमाह लगभग 25 हजार रुपए की नियमित आय प्राप्त हो रही है।
अपनी इस उपलब्धि का श्रेय प्रेम कुमारी पशुधन विकास विभाग और पशु चिकित्सालय बरमकेला की टीम को देती हैं।
विभाग द्वारा समय-समय पर कृत्रिम गर्भाधान, नियमित टीकाकरण, कृमिनाशन, स्वास्थ्य परीक्षण और वैज्ञानिक खान-पान से संबंधित जो तकनीकी मार्गदर्शन दिया गया, उसी की बदौलत उनके पशु स्वस्थ और अत्यधिक उत्पादक बने रहे।
