the tribal community
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रायपुर जून 4, 2026/ ETrendingIndia / “Uniform Civil Code will be implemented soon in the state – Chief Minister: Customs and traditions of the tribal community will be kept separate from UCC” मध्य प्रदेश यूसीसी लागू – मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश में एक निशान, एक विधान और एक कानून लागू हो, इस राष्ट्रीय भावना में कुछ भी गलत नहीं है। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को देश के 3 राज्यों ने पहले ही लागू कर दिया है। हमारी सरकार भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। शीघ्र ही मध्यप्रदेश भी देश का यूसीसी लागू करने वाला राज्य बन जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा इसके लिए हमने उच्चतम न्यायालय की रिटायर्ड जज न्यायमूर्ति श्रीमती रंजना देसाई की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीति गठित कर दी है। यह समिति जिला स्तर पर सभी वर्गों से उनकी राय ले रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जनजातीय समुदाय को यूसीसी से पृथक रखा जाएगा। उन्हें अपने पारम्परिक रीति-रिवाज मानने की स्वतंत्रता होगी। गुजरात में भी इसी प्रकार का प्रावधान लागू किया गया है।

मुख्यमंत्री बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित इंडिया@2047 कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे।

कोई व्यक्ति योग्य है, तो सरकार जाति, धर्म और समुदाय से ऊपर उठकर कार्य करती है

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति योग्य है, तो सरकार जाति, धर्म और समुदाय से ऊपर उठकर कार्य करती है। आज जनजातीय वर्ग से आने वाली श्रीमती द्रोपदी मुर्मु देश के राष्ट्रपति पद की शोभा बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि हम मध्यप्रदेश में यूसीसी लागू करने के लिए खुले विचार और खुले हृदय के साथ काम करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर ईंधन की चुनौती के दौर में हमारी सरकार ने पर्यावरण और ईंधन को बचाने के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) खरीदा है। अब वे ईवी से ही यात्रा करेंगे। यह पर्यावरण अनुकूल वाहन (ईवी) ईंधन के संरक्षण के साथ-साथ वायु प्रदूषण को भी रोकने में कारगर है।

मध्यप्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए कार्य कर रही है। ग्रामीण आबादी को दूध उत्पादन, पशुपालन और आधुनिक खेती से जोड़ने के लिए प्रयास किए गए हैं। गांव-गांव तक बिजली, पानी और सड़कों का विकास हुआ है। प्रदेश के इंडस्ट्रियल पार्कों में यूनिट्स खुल गईं और लोगों को रोजगार के अवसर मिलने लगे हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस -2025) में 30 लाख करोड़ रुपए के एमओयू साइन हुए थे।