जल संकट पर कारगर पहल: मोर गांव मोर पानी महाभियान बना ग्रामीणों की राहत का जरिया

1746356415_bea687be8958a1a1fa5e
Share This Article

ETrendingIndia रायपुर / मोर गांव मोर पानी महाभियान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरदर्शी सोच का सशक्त उदाहरण है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट से निपटने की प्रभावी रणनीति साबित हो रहा है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में इस महाभियान के अंतर्गत जल संरक्षण, पुनर्भरण और समुचित जल उपयोग को लेकर सार्थक कार्य किए गए हैं।

कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन में अनुविभागीय स्तर पर विशेष समितियां गठित की गईं। सिमगा क्षेत्र में प्रशासन, उद्योग और ग्रामीणों के त्रिस्तरीय समन्वय से उत्खनन प्रभावित क्षेत्रों में जल आपूर्ति सुनिश्चित की गई। विभिन्न सीमेंट संयंत्रों ने सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत माइन्स में जमा जल को गांवों में पाइपलाइन और टैंकरों के माध्यम से उपलब्ध कराया। उदाहरण स्वरूप, अल्ट्राटेक सीमेंट संयंत्र, रावन और हिरमी ने जल आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इसके अतिरिक्त, निस्तारी तालाबों को गंगरेल बांध से जुड़ी नहरों से भरा गया, नए बोरवेल खोदे गए और पुराने जल स्रोतों का जीर्णोद्धार किया गया। श्री सीमेंट संयंत्र द्वारा ग्राम चंडी में दो किलोमीटर लंबी कैनाल का निर्माण किया गया, जिससे बांध के जल स्तर को बनाए रखते हुए गांवों को पानी मिल सका।

मोर गांव मोर पानी महाभियान के चलते अब ग्रामीणों को पीने और निस्तारी जल के लिए दूर नहीं जाना पड़ता। यह अभियान प्रशासन, उद्योग और स्थानीय लोगों के समन्वित प्रयासों से ग्रामीण जीवन में बदलाव का प्रतीक बन चुका है।