रायपुर, 02 जुलाईं / ETrendingIndia / “Skyroot announces Vikram-1 launch window… India’s first private orbital rocket to take off” / भारत की निजी अंतरिक्ष कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस अपने सबसे बड़े मिशन की तैयारी कर रही है। कंपनी ने विक्रम-1 रॉकेट के पहले ऑर्बिटल लॉन्च के लिए 12 जुलाई से 4 अगस्त के बीच की लॉन्च विंडो घोषित की है।
यह भारत का पहला निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल होगा, जो पृथ्वी की कक्षा में पहुंचने की कोशिश करेगा। लॉन्च श्रीहरिकोटा से होगा और इसकी अंतिम तारीख मौसम, तकनीकी जांच तथा जरूरी मंजूरी मिलने के बाद तय होगी।
करीब सात मंजिला इमारत जितना ऊंचा विक्रम-1 पूरी तरह कार्बन कंपोजिट संरचना से बनाया गया है। इसमें कंपनी के विकसित किए गए 3डी प्रिंटेड इंजन और शक्तिशाली सॉलिड रॉकेट मोटर लगाए गए हैं। यह रॉकेट 350 किलोग्राम तक के सैटेलाइट को पृथ्वी की निचली कक्षा में पहुंचा सकता है। कंपनी के अनुसार सभी स्टेज जोड़ दिए गए हैं और रॉकेट लॉन्च पैड पर अंतिम तैयारियों के दौर में पहुंच चुका है।
इस मिशन का नाम मिशन आगमन रखा गया है। इसका लक्ष्य 450 किलोमीटर ऊंचाई पर 60 डिग्री झुकाव वाली कक्षा तक पहुंचना है। उड़ान के दौरान इंजन, स्टेज सेपरेशन, गाइडेंस, नेविगेशन और कंट्रोल सिस्टम के प्रदर्शन का महत्वपूर्ण डेटा जुटाया जाएगा।
इस मिशन में भारतीय और विदेशी ग्राहकों के कुछ सैटेलाइट भी भेजे जाएंगे, लेकिन कंपनी फिलहाल इसे तकनीक की जांच और परीक्षण के लिए अहम उड़ान मान रही है।
स्काईरूट का कहना है कि भविष्य में उसकी 70 से 80 प्रतिशत लॉन्च सेवाओं की मांग विदेशों से आने की उम्मीद है। कंपनी अमेरिका, यूरोप और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे बाजारों पर खास ध्यान दे रही है। उसका लक्ष्य छोटे सैटेलाइट के लिए अलग-अलग ऑर्बिट में समर्पित लॉन्च सेवा देना है।
कंपनी का मानना है कि आने वाले वर्षों में ऐसे मिशनों की वैश्विक मांग लगातार बढ़ेगी और नए अवसर भी सामने आएंगे।
नवंबर, 2022 में स्काईरूट ने विक्रम-स् रॉकेट की सफल उड़ान भरकर अंतरिक्ष में रॉकेट भेजने वाली भारत की पहली निजी कंपनी बनने का रिकॉर्ड बनाया था। उसी मिशन से मिले आंकड़ों के आधार पर विक्रम-1 की अधिकांश तकनीक विकसित की गई है। हाल ही में कंपनी ने 6 करोड़ डॉलर (लगभग 600 करोड़ रुपये) का निवेश भी जुटाया है और भारत की पहली स्पेस टेक यूनिकॉर्न बनने का गौरव हासिल किया है।
